अमृतपाल सिंह एनएसए समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस की हिरासत में, डिब्रूगढ़ सदर थाना लाकर शुरू हुई पूछताछ :-
‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख एवं खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत निरुद्धि अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस ने डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार से अपनी हिरासत में ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डिब्रूगढ़ सदर थाना लाया गया, जहां अजनाला थाना हमले से जुड़े मामले में उनसे पूछताछ की जा रही है।जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह की एनएसए के तहत निरुद्धि की अवधि बीती रात समाप्त हो गई थी। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने दूसरे दर्ज मामले में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू की। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात अदालत से दो दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई, जिसके आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए डिब्रूगढ़ सदर थाना लाया गया। सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल सिंह को रिमांड अवधि के दौरान डिब्रूगढ़ सदर थाना में ही रखा जाएगा। पंजाब पुलिस की एक वरिष्ठ टीम पहले से ही डिब्रूगढ़ में मौजूद थी और उसने असम पुलिस एवं जेल प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर यह कार्रवाई पूरी की। पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीयता और सुरक्षा के साथ अंजाम दिया गया, क्योंकि मामला संवेदनशील होने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित भी है।अधिकारियों ने बताया कि अमृतपाल सिंह से फरवरी 2023 के अजनाला थाना हमले के मामले में पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में आरोप है कि अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों ने पुलिस थाना पर दबाव बनाते हुए धावा बोला था, ताकि उसके एक करीबी सहयोगी को रिहा कराया जा सके। यही मामला बाद में पंजाब में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बड़े विवाद का कारण बना था। पंजाब सरकार ने इसी पृष्ठभूमि में उनके खिलाफ एनएसए लगाया था। डिब्रूगढ़ सदर थाना के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा थाने और उसके आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। अमृतपाल सिंह को लाने और थाने में रखने की पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। अमृतपाल सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे कई गंभीर आरोप पहले से दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान उनसे अजनाला प्रकरण, समर्थकों की भूमिका, घटना की योजना और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी। यह पूछताछ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कानूनी सूत्रों के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद पंजाब पुलिस को यह रास्ता साफ मिला कि एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद अमृतपाल सिंह को संबंधित आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर आगे की जांच और मुकदमे की प्रक्रिया चलाई जाए। इसी कानूनी ढांचे के तहत अब पंजाब पुलिस सक्रिय रूप से पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह पिछले लगभग तीन वर्षों से डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार में बंद था। एनएसए समाप्त होने के बाद यह माना जा रहा था कि उसे रिहा किया जा सकता है, लेकिन दूसरे मामले में गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि उसकी कानूनी मुश्किलें अभी समाप्त नहीं हुई हैं। फिलहाल सभी की नजरें पूछताछ के नतीजों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।