डॉ. निर्मल साहेवाला को डिब्रूगढ़ में “स्वास्थ्य रत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया गया
ऊपरी असम के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण रहा, जब प्रख्यात वरिष्ठ चिकित्सक, साहित्यिक व्यक्तित्व तथा असम आदित्य समाचारपत्र के प्रधान संपादक डॉ. निर्मल साहेवाला को ज्योतिप्रताप ज्ञानमार्ग विद्यालय द्वारा प्रतिष्ठित “स्वास्थ्य रत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान डिब्रूगढ़ में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान औपचारिक रूप से प्रदान किया गया।यद्यपि विद्यालय का स्थापना दिवस समारोह मूल रूप से 29 मार्च को आयोजित किया गया था, किन्तु पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण डॉ. साहेवाला उस अवसर पर उपस्थित नहीं हो सके थे। उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से विद्यालय के आयोजक प्रताप सैकिया और बिजु शर्मा विशेष रूप से डिब्रूगढ़ पहुंचे और उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया, जिससे यह सम्मान और भी अधिक अर्थपूर्ण बन गया। इस सम्मान समारोह में अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें आदित्य डायग्नोस्टिक एंड हॉस्पिटल की प्रमुख सरिता साहेवाला तथा असम आदित्य के संपादक मंजीत बोरा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। समारोह के दौरान शिक्षा क्षेत्र में प्रताप सैकिया के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। लगभग सात वर्ष पूर्व उन्होंने एक ऐसे संस्थान की कल्पना की थी, जो नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर सके। आज ज्योतिप्रताप ज्ञानमार्ग विद्यालय एक आधुनिक, सुसज्जित और सुव्यवस्थित शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां डिजिटल कक्षाएं, आकर्षक शिक्षण वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय के हालिया स्थापना दिवस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले कई विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें पद्मश्री जादव पायेंग को एक अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार परागमणि आदित्य, डॉ. सौमित्र पुजारी, डॉ. माखन कलिता, अंजन शर्मा तथा ऋतुराज फुकन को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डॉ. निर्मल साहेवाला ने इस सम्मान को अपने लिए अत्यंत गर्व और भावनात्मक महत्व का विषय बताया। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत रूप से डिब्रूगढ़ आकर उन्हें सम्मानित करना अत्यंत आत्मीय और सम्मानपूर्ण पहल है। उन्होंने दो वर्ष पूर्व विद्यालय के अपने दौरे को याद करते हुए कहा कि वहां की आधारभूत संरचना, डिजिटल शिक्षण प्रणाली और शैक्षणिक वातावरण की आत्मीयता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया था। वहीं प्रताप सैकिया ने कहा कि डॉ. साहेवाला जैसे विशिष्ट और सम्मानित व्यक्तित्व को सम्मानित करना विद्यालय के लिए अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने दोहराया कि विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखने तथा नवीन और समावेशी शिक्षा के माध्यम से भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने के अपने संकल्प को आगे भी जारी रखेगा।