रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भार्गव सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार
रांची (वरीय संवाददाता): झारखंड की राजधानी रांची में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में मुख्य शूटर सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सत्यम पाठक बक्सर (बिहार) भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उसे दबोच लिया।
मुठभेड़ और जवाबी कार्रवाई
पुलिस की विशेष टीम (SIT) आरोपी सत्यम को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर कांके डैम के पास हथियार बरामद करने ले गई थी। हथियार बरामद कर लौटते समय, सुबह लगभग 7:30 बजे सत्यम ने चालाकी दिखाते हुए ASI लालमोहन खड़िया का हथियार छीन लिया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में 6 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से दो गोलियां सत्यम के पैरों में लगीं। घायल शूटर को रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है, जबकि घायल ASI का इलाज सिटी अस्पताल में चल रहा है।
हत्या के पीछे ₹70 लाख का विवाद
जांच में यह बात सामने आई है कि भार्गव सिंह की हत्या की सुपारी विजय हेनरी टेटे ने दी थी। वारदात के पीछे ₹70 लाख के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। विजय टेटे रांची के रातू इलाके में स्थित ITBP की जमीन को लेकर विवाद में था, जिसमें भार्गव सिंह उसका विरोध कर रहे थे। इसी रंजिश के कारण सत्यम पाठक को सुपारी देकर भार्गव सिंह की हत्या करवाई गई।
अपराधिक इतिहास और बरामदगी
सत्यम पाठक कोई नया अपराधी नहीं है; वह पूर्व पार्षद वेद प्रकाश सिंह की हत्या का भी मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
एक पिस्टल और दो कारतूस।
तीन मोबाइल फोन।
फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी।
एक पॉकेट डायरी और नगद ₹5,980।
भार्गव सिंह ने दम तोड़ने से पहले दिया था सुराग
गोली लगने के बाद भी होश में रहते हुए भार्गव सिंह ने पुलिस और अपने परिजनों को बताया था कि विजय टेटे ने उन पर हमला करवाया है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी और मुख्य शूटर तक पहुँचने में कामयाबी हासिल की।