हरियाणा सरकार का बड़ा अभियान: जोहड़ों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के गांवों में स्थित पारंपरिक जोहड़/तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इन जलस्रोतों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और उनके पुराने स्वरूप को बहाल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने हर गांव में मौजूद जोहड़ों का विस्तृत रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि किस गांव में कितने जोहड़ थे, उनकी कुल जमीन कितनी है, वर्तमान स्थिति क्या है और उन पर कितने अवैध कब्जे हैं।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जोहड़, गौचर भूमि और फिरनी जैसी सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने वालों को किसी भी प्रकार का मालिकाना हक नहीं दिया जाएगा। कई गांवों में कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जल्द ही कार्रवाई भी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जोहड़ केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि गांवों की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संतुलन का अहम हिस्सा हैं। इनके पुनर्जीवन से भूजल स्तर में सुधार, पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता और गांवों की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।
सरकार के इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
HKM NEWS