भीषण गर्मी से पहले हर गांव-शहर में पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें - सांसद महंत का सख्त निर्देश
श्रीमती ज्योत्सना महंत की अध्यक्षता में ‘दिशा’ बैठक सम्पन्न, योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा
भीषण गर्मी से पहले हर गांव-शहर में पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें - सांसद महंत का सख्त निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़े हुए बिजली
बिलों की हो जांच, स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करें... सांसद ज्योत्सना महंत
(छत्तीसगढ़)एम.सी.बी. 22 अप्रैल 2026 जिले में विकास कार्यों को गति देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण और व्यापक बैठक जिला पंचायत कार्यालय कोरिया के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। यह बैठक न केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित रही, बल्कि जिले के समग्र विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने का माध्यम भी बनी।
बैठक की अध्यक्षता कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने की।
इस दौरान एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, एमसीबी पुलिस अधीक्षक रतना सिंह, चिरमिरी महापौर रामनरेश राय, मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष प्रतिमा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए सांसद महंत ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और हर कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
सड़क सुरक्षा पर सख्ती, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश
बैठक की शुरुआत करते हुए सांसद ज्योत्सना महंत ने जिले की सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से उन्होंने हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करने, राष्ट्रीय राजमार्गों पर रेडियम संकेतकों की व्यवस्था करने तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर एल्कोमीटर के माध्यम से नियमित जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। इसके लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया।
पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि वह नियमित रूप से अभियान चलाकर ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करे।
जल संरक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर, “मोर गांव-मोर पानी” अभियान की सराहना
बैठक में जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना की गई। मनरेगा के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश पहले से दिए गए थे, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत किए गए कार्यों का जीआईएस आधारित प्रस्तुतीकरण भी बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिसे सांसद ने सराहा।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले में जल संरचनाओं का निर्माण और उनका सुदृढ़ीकरण हुआ है, जिससे न केवल जल संकट में कमी आई है बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
तालाब, कुएं, जलाशय और स्टॉप डैम जैसे निर्माण कार्यों ने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सांसद महंत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कार्यों की गुणवत्ता और स्थायित्व पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि आने वाले वर्षों में भी इनका लाभ मिलता रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जाए, जिससे आमजन भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभा सके।
महिला सशक्तिकरण में नई उड़ान, हजारों महिलाएं बनी आत्मनिर्भर
बैठक में महिला सशक्तिकरण और आजीविका से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
सामाजिक समावेशन के तहत हजारों परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जिससे लगभग 95 प्रतिशत संतृप्ति हासिल की गई है।
जिले में 3245 से अधिक स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनसे जुड़ी महिलाएं आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। “लखपति दीदी” जैसी पहल ने महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष और आपदा राहत कोष के माध्यम से करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर समूहों को सशक्त बनाया गया है।
इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
सांसद ने इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण ही वास्तविक विकास की कुंजी है और इसे और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।
कृषि और उद्यमिता में नवाचार, किसानों को मिल रहा सशक्त मंच
कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में जिले में किए जा रहे नवाचारों की भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही कृषिसखी और पशुसखी जैसे नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को
कृषि और पशुपालन से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
वहीं सिद्ध बाबा महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, मनेंद्रगढ़ जैसे प्रयासों ने किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक सशक्त बनाया है।
इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हो रही है।
एकीकृत कृषि केंद्रों और आजीविका सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
सांसद महंत ने निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे और उन्हें आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा में तेजी, बुनियादी सुविधाओं में दिखा बदलाव
बैठक में विभिन्न आधारभूत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत जिले में 79 प्रतिशत आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष आवासों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों और पुलों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जिससे ग्रामीण संपर्कता में सुधार आया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी संख्या में कार्ड बनाकर जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। सिकल सेल स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि जिले की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
स्वच्छता, पेयजल और डिजिटल सेवाओं से बदली तस्वीर
शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे कुपोषण में कमी आई है और शिक्षा का स्तर भी बेहतर हुआ है। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और कचरा प्रबंधन में सुधार से स्वच्छता के नए मानक स्थापित हुए हैं।
जल जीवन मिशन के माध्यम से हजारों घरों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।
वहीं डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से पारदर्शिता और सुविधा में वृद्धि हुई है। इससे आम नागरिकों को काफी राहत मिली है और सरकारी प्रक्रियाएं सरल हुई हैं।
बैठक के समापन पर सांसद ज्योत्सना महंत ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एमसीबी जिला तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तो यह जिला प्रदेश में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।
बैठक में सांसद के कड़े निर्देश, पानी-बिजली-स्वास्थ्य पर फोकस
इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद ज्योत्सना महंत ने स्पष्ट संकेत दिया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए पहले से तैयारी की जाए और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने माड़ीसरई क्षेत्र में ग्रामीणों के घरों में अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने के निर्देश दिए।
संबंधित विभाग को स्पष्ट रूप से कहा गया कि जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि कहीं त्रुटि हो तो तत्काल सुधार किया जाए।
और स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया गया कि टीकाकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा डॉक्टरों की कमी को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने विशेष ध्यान देने को कहा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए स्कूलों के समय और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
उन्होंने कहा कि स्कूलों का नियमित भ्रमण कर बच्चों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर ही जिले के समग्र विकास को गति दे सकते हैं।
योजनाओं की नियमित समीक्षा, पारदर्शिता पर जोर और जनहित को सर्वोपरि रखने की सोच ही एमसीबी जिले को एक विकसित और आत्मनिर्भर जिले के रूप में स्थापित करेगी।
बैठक के अंत में एमसीबी और कोरिया कलेक्टर द्वारा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।