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करोड़ों की लागत, फिर भी किसान बेबस: हरिहरगंज में 30 लाख का कोल्ड स्टोर तीन साल से सफेद हाथी

हरिहरगंज (पलामू): सरकार एक तरफ किसानों की आय दोगुनी करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक उदासीनता इन दावों की पोल खोल रही है। हरिहरगंज प्रखंड परिसर में सहकारिता विभाग द्वारा 30 लाख रुपये की लागत से बना 30 एमटी (मीट्रिक टन) क्षमता का कोल्ड स्टोरेज पिछले तीन वर्षों से बनकर तैयार है, लेकिन आज तक इसे चालू नहीं किया गया है।
​जंग खा रही मशीनें, झाड़ियों में तब्दील हुआ भवन
​प्रखंड कार्यालय परिसर में बना यह कोल्ड स्टोरेज अब खंडहर में तब्दील हो रहा है। देखरेख के अभाव में भवन के चारों ओर झाड़ियाँ उग आई हैं और भीतर लगी कीमती मशीनें जंग खाकर बर्बाद हो रही हैं। तीन साल बीत जाने के बाद भी विभाग ने इसे हैंडओवर नहीं किया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग साफ नजर आ रहा है।
​70 किमी दूर बिहार जाने को मजबूर किसान
​स्थानीय किसानों और फल-सब्जी व्यापारियों का दर्द है कि उन्हें अपनी फसल सुरक्षित रखने के लिए यहाँ से 70 किलोमीटर दूर बिहार के सासाराम जाना पड़ता है। इस भीषण गर्मी में फसल बर्बाद होने से बचाने के लिए वे सासाराम स्थित आईसीआई कोल्ड स्टोर में अतिरिक्त किराया और भाड़ा देकर अपनी उपज रखते हैं। यदि हरिहरगंज का यह स्टोर शुरू हो जाता, तो किसानों को आर्थिक नुकसान से बड़ी राहत मिलती।
​क्या कहते हैं किसान और अधिकारी?
​किसान अजीत कुमार सिंह, सुनील मेहता और अन्य ने बताया कि निर्माण के समय उन्हें उम्मीद थी कि अब उनकी सब्जियाँ बर्बाद नहीं होंगी, लेकिन विभाग की लापरवाही ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
​प्रखंड कृषि पदाधिकारी, ब्रजेश कुमार: उन्होंने स्वीकार किया कि कोल्ड स्टोरेज अभी तक विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है और न ही इस संबंध में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त है।
​प्रखंड कृषि सलाहकार समिति: समिति के अध्यक्ष राजू कुमार मेहता ने कहा कि जनहित के लिए लाखों खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर योजना का लाभ न मिलना चिंताजनक है।
​निष्कर्ष:
हरिहरगंज के किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस कोल्ड स्टोरेज को चालू करने की मांग की है ताकि उन्हें पड़ोसी राज्य बिहार पर निर्भर न रहना पड़े और उनकी मेहनत की कमाई बर्बाद होने से बच सके।

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