पृथ्वी दिवस पर जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित
आगरा। पृथ्वी दिवस के अवसर पर जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में कक्षा चार के छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से पृथ्वी के प्रति प्रेम एवं संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मधुर समूहगान (क्वायर) से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। इसके पश्चात प्रस्तुत की गई कविता ने सभी को हमारी धरा माता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। विद्यार्थियों ने ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुति एवं प्रभावशाली नाटक के माध्यम से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा 3R—रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल—के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने उपस्थित सभी को प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय में “ग्रीन एंबेसडर अभियान” की भी शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक कक्षा में एक इंडोर पौधा स्थापित किया जाएगा, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित कक्षा के विद्यार्थियों को दी जाएगी। विद्यार्थी पूरे वर्ष उस पौधे की वृद्धि, पोषण, सिंचाई एवं खाद आदि का ध्यान रखेंगे। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पौधों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी तथा वे प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कक्षाओं के विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने हेतु “बेस्ट ग्रीन एंबेसडर अवॉर्ड” भी प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार जूनियर, मिडिल एवं सीनियर वर्ग में दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के साथ-साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया गया पौधारोपण रहा, जिसके माध्यम से सभी को हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रधानाचार्य श्री पुनीत वशिष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि एक मनुष्य अपने जीवन में जितना प्रदूषण उत्सर्जित करता है, उसे संतुलित करने के लिए अनेक पेड़ों की आवश्यकता होती है, अतः हम सभी को अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री पुनीत वशिष्ठ, अनिल सिंह, दीपिका शर्मा, अंजली जॉली, सुप्रीत कौर, अनुपम तिवारी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने पृथ्वी की रक्षा करने एवं उसे एक बेहतर स्थान बनाने का संकल्प लिया।