लखनऊ/प्रयागराज। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर कथित धांधली के विरोध में जांच की मांग
69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाले की जांच को जा रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोका, बढ़ा तनाव
लखनऊ/प्रयागराज। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर कथित धांधली के विरोध में जांच की मांग कर रहे अभ्यर्थियों को उस समय पुलिस के हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा, जब वे अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने जा रहे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें रास्ते में ही रोकने का प्रयास किया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर वे जांच की मांग करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी और उन्हें समझाने का प्रयास किया। कुछ स्थानों पर हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति के बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना नियमों के खिलाफ है, इसलिए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्हें रोका गया। वहीं अभ्यर्थियों ने इसे अपनी आवाज दबाने का प्रयास बताया और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी है।