विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर गुरुग्राम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ट्रेकिंग गतिविधियों में लिया भाग
पंचकूला, 22 अप्रैल : गुरुग्राम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विशेष ट्रेकिंग कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह कार्यक्रम युवाओं को प्रकृति के निकट लाने, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और पूरे उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
विश्व पृथ्वी दिवस के इस विशेष अवसर पर आयोजित ट्रेकिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के महत्व से अवगत कराना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया, पहाड़ी मार्गों पर ट्रेकिंग की तथा प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का आनंद लिया। विद्यार्थियों ने इस दौरान स्वच्छता, हरियाली, जल संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को भी समझा।
यूथ वेलफेयर कोऑर्डिनेटर श्री नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को विश्व पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है, जिसकी सुरक्षा और संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को देश, समाज और प्रकृति के प्रति सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
श्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज के समय में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले चुकी हैं। ऐसे में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कदम उठाकर जैसे पेड़ लगाकर, जल बचाकर, प्लास्टिक का कम उपयोग कर तथा स्वच्छता बनाए रख पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
नेचर कैंप थापली विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैं। प्राकृतिक वातावरण से भरपूर इस कैंप में विद्यार्थियों ने खुले आसमान, हरियाली, शुद्ध वायु और शांत वातावरण का अनुभव किया। कैंप का रमणीय दृश्य विद्यार्थियों के मन को बहुत भाया। विद्यार्थियों ने यहां प्रकृति के बीच समय बिताया, समूह गतिविधियों में हिस्सा लिया और पर्यावरण से जुड़ी अनेक जानकारियां प्राप्त कीं।
नेचर कैंप थापली में विद्यार्थियों ने सूर्योदय और सूर्यास्त के मनमोहक दृश्यों का भी आनंद लिया। सुबह के समय उगते सूर्य की लालिमा और शाम के समय अस्त होते सूर्य का दृश्य विद्यार्थियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया। विद्यार्थियों ने कहा कि प्रकृति के इतने सुंदर रूप को नजदीक से देखना उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। इससे उन्हें प्रकृति के महत्व को समझने और उसे संरक्षित रखने की प्रेरणा मिली।
ट्रेकिंग गतिविधियों के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दिया। कठिन मार्गों पर एक-दूसरे का सहयोग करते हुए विद्यार्थियों ने साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होती हैं तथा उनमें सकारात्मक सोच का विकास करती हैं।
कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और प्रकृति प्रेम की सीख देते हैं। विद्यार्थियों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा जताई।
यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और सामाजिक चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित इस ट्रेकिंग कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने तथा साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।