‘सेवा सुरक्षा सहयोग’: पुलिस ने थानों और चौकियों से निकलकर झुग्गी-झोपड़ियों व जरुरतमंदों में बांटी खुशियां और खाद्य सामग्री
पंचकूला/22 अप्रैल:- कानून व्यवस्था और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पंचकूला पुलिस का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा उस समय सामने आया, जब खाकी वर्दी पहने जवान और अधिकारी जरूरतमंदों की मदद के लिए गलियों और झुग्गी-झोपड़ियों में जा पहुंचे। अपराध की रोकथाम और अपराधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ, पुलिस की विभिन्न टीमों ने अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर समाज के वंचित तबके के साथ खुशियां साझा कीं।
इस विशेष अभियान के तहत पंचकूला पुलिस के सभी थानों और चौकियों की टीमों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले झुग्गी-झोपड़ी इलाकों का दौरा किया। पुलिसकर्मियों ने वहां रह रहे बच्चों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से मुलाकात की और उन्हें खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी सामान वितरित किया। वर्दी में आए पुलिसकर्मियों को अपने बीच पाकर और उनसे स्नेहपूर्ण व्यवहार देखकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल मदद करना था, बल्कि समाज के हर वर्ग में सुरक्षा और विश्वास की भावना को सुदृढ़ करना भी था।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि पुलिस विभाग का प्राथमिक कर्तव्य जिले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन हमारा यह भी प्रयास रहता है कि हम सामाजिक दायित्वों को निभाएं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के बीच समय निकालकर जरूरतमंदों तक पहुंचना हमारे पुलिसकर्मियों के लिए एक सुखद अनुभव रहा। इससे पुलिस और जनता के बीच का फासला कम होता है और लोगों में पुलिस के प्रति एक मिलनसार और सहयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
डीसीपी गुप्ता ने आगे कहा कि जब हम किसी के चेहरे पर मुस्कान देखते हैं, तो उससे हमारी टीम का मनोबल और अधिक बढ़ता है। इस तरह के कार्यक्रमों से पुलिस के प्रति लोगों का डर खत्म होता है और वे अपनी समस्याओं को लेकर पुलिस के पास आने में संकोच नहीं करते। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के साथ-साथ पंचकूला पुलिस भविष्य में भी इस तरह के जनसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी, ताकि 'सेवा सुरक्षा सहयोग' के नारे को धरातल पर सार्थक किया जा सके।