घुटने के बल चलकर मंदिर तक अपने आराध्य तक पहुंचना पिछड़ी सोच है!! विजय थालापति ऐसे चर्च पहुंचे तो यह विज्ञान है!!
घुटने के बल रेंगकर या चलकर मंदिर तक, अपने आराध्य तक पहुंचना पिछड़ी सोच है!! विजय थालापति ऐसे चर्च पहुंचे तो यह विज्ञान है!! वैसे जो लोग भरी सभा में हाली लुइय्या बोलकर कैंसर ठीक कर देते हों, उनके वैज्ञानिक सोच पर भला प्रश्न कैसा!!
#तमिलनाडु