भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के छात्रावास संख्या 12 व 14 में योग एवं ध्यान के माध्यम से परीक्षा तनाव प्रबंधन पर व्याख्यान का आयोजन।
खानपुर कलां -22 अप्रैल।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के छात्रावास संख्या 12 व 14 में “योग एवं ध्यान के माध्यम से परीक्षा तनाव प्रबंधन” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन प्रोफेसर संतोष हुड्डा, नोडल ऑफिसर मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।
इस अवसर पर निदेशक खेल विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कॉर्डिनेटर डॉ. बबीता, ने छात्राओं को परीक्षा के दौरान तनाव को कम करने तथा मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु योग एवं ध्यान की प्रभावी एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने ज्ञानात्मक पद्धतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव तथा विभिन्न खेल गतिविधियों द्वारा तनाव से राहत के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से ध्यान और खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, ताकि मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कोऑर्डिनेटर, नारकोटिक्स प्रकोष्ठ एवं निदेशक, महिला अध्ययन केंद्र प्रोफेसर मंजू पवार, ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न समूहों में विभाजित कर खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से तनाव के कारणों एवं उनके समाधान का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इन गतिविधियों से महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की।
प्रोफेसर मंजू पवार ने अपने व्याख्यान में जीवन में अपनाए जाने योग्य महत्वपूर्ण नियम भी साझा किए और बताया कि इनके नियमित पालन से तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रोफेसर संतोष हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ रहे और वे अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनें। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय तनाव होना स्वाभाविक है, लेकिन ध्यान एवं अन्य सकारात्मक पद्धतियों को अपनाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. अनीता अटवाल उप-नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ ने अपने संबोधन में छात्राओं को प्रोत्साहित किया तथा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सभी का धन्यवाद किया।
यह सत्र विशेष रूप से छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ और कई छात्राओं ने अपनी दैनिक समस्या साझा की जिनका समाधान सत्र के दौरान ही किया गया।
फोटो कैप्शन ;-01 &02 छात्राओं को तनाव से मुक्ति के लिए योग व साधना का पाठ पढ़ाते शिक्षक।