25 अप्रैल तक ‘वंदे मातरम् चौक वार्ता’ अभियान को गति देने का निर्देश, विश्व हिंदू महासंघ की वर्चुअल बैठक में संगठन विस्तार पर जोर
गोरखपुर। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के निर्देशानुसार गोरक्ष एवं अवध संभाग की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का आयोजन क्षेत्रीय महामंत्री श्याम बाबू शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में प्रदेश महामंत्री दिग्विजय सिंह राना ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर संगठनात्मक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में संगठन के विभिन्न मंडलों एवं जिलों के प्रमुख पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। प्रमुख रूप से गोरक्ष संभाग प्रभारी डॉ. कमलेश शाही, गोरखपुर मंडल प्रभारी बृजेश तिवारी, देवीपाटन मंडल प्रभारी राकेश दुबे, लखनऊ मंडल प्रभारी श्रीवंत तिवारी, अयोध्या मंडल प्रभारी रवि सिंह तथा कानपुर मंडल प्रभारी अभिषेक सिंह कठेरिया उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अध्यक्षगण—इं. राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा (गोरखपुर), संजय तिवारी (देवरिया), संतोष जायसवाल (कुशीनगर), दिनेश चतुर्वेदी (संतकबीरनगर), चौधरी विजय सिंह (बलरामपुर), ब्रह्मकुमार तिवारी (श्रावस्ती), हरिकुमार पाण्डेय (बहराइच), रामखेलावन बारी (रायबरेली), पवन अवस्थी (उन्नाव), उमेश सिंह (अयोध्या), नितिन गुप्ता (इटावा), डॉ. लखन सिंह राजपूत (कन्नौज) एवं नवीन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक का संचालन करते हुए क्षेत्रीय महामंत्री श्याम बाबू शर्मा ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया कि ‘वंदे मातरम् चौक वार्ता’ अभियान को प्राथमिकता देते हुए 25 अप्रैल तक अपने-अपने जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर प्रमुख, महापौर एवं नगर आयुक्त को संबोधित पत्र अवश्य सौंपें। उन्होंने कहा कि यह अभियान संगठन के जनसंपर्क को मजबूत करने और राष्ट्रभावना को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने आगे कहा कि संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह के तीसरे रविवार को सभी जिला अध्यक्ष अपने-अपने जिलों में अनिवार्य रूप से भौतिक बैठक आयोजित करेंगे, जिसमें संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
प्रदेश महामंत्री दिग्विजय सिंह राना ने अपने मार्गदर्शन में सभी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि 25 अप्रैल की निर्धारित समय-सीमा के भीतर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाकर संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर पत्र सौंपना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सक्रियता से संगठन की गंभीरता और प्रतिबद्धता का संदेश प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।
बैठक के दौरान संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने संगठन के विस्तार, जनसंपर्क को बढ़ाने, युवाओं को जोड़ने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए अपने-अपने विचार साझा किए।
अंत में यह निर्णय लिया गया कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे, जिससे संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिल सके।