बेरमो की जनता तरश रही है फ्लाईओवर के लिए ।
पुराना बीडीओ ऑफिस रेलवे फाटक से राहगीर है परेशान
बेरमो
गोमो-बरकाकाना रेलखंड पर स्थित पुराना बीडीओ ऑफिस के समीप रेलवे फाटक आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है। प्रतिदिन यह फाटक बंद और खुलने का सिलसिला लगा रहता है। रैक के आवाजही पर यह फाटक आधे घंटे से एक घंटे तक बंद रहता है। आलम और तकलीफदाई हो जाता है जब सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के करगली वाशरी से कोयला लदी मालगाड़ी को वाशरी जाने और निकलने का सिलसिला होता है। इस दौरान गेट लगभग 45 मिनट से 1 घंटे बंद रहता है। हद तो तब होती है जब रैक करगली वाशरी में जाती है तो रेलवे फाटक के पास ही 20 मिनट खड़ी हो जाती है। इससे इस भीषण गर्मी में करीब 1 घंटे बंद रहती है। इससे फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है, जिससे राहगीरों को भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई राहगीर अपना वाहन वहा से वापस लेकर फुसरो फ्लाई ओवर या करगली गेट से जाना उचित समझते हैं। भारतीय जनता पार्टी फुसरो नगर मंडल ओबीसी मोर्चा के मंत्री सह समाजसेवी छोटू कुमार रवानी ने इस समस्या पर गहरा रोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह समस्या साल के 365 दिन की है। मालगाड़ी के घंटों खड़े रहने से ड्यूटी जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और अस्पताल जा रहे मरीज बीच रास्ते में ही फंस जाते हैं। आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को इस फाटक की वजह से भारी खामियाजा भुगतना पड़ता है। छोटू कुमार रवानी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैं स्थानीय सांसद और विधायक से पूछना चाहता हूँ कि जनता की इस गंभीर समस्या पर वे कब ठोस कदम उठाएंगे? इस समस्या का एकमात्र स्थाई समाधान पुराना बीडीओ ऑफिस के पास फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) का निर्माण है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द फ्लाईओवर निर्माण की दिशा में पहल की जाए, ताकि फुसरो की जनता को आए दिन होने वाले इस मानसिक और शारीरिक कष्ट से मुक्ति मिल सके।