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बस्ती में ईंधन का संकट: पेट्रोल पंपों पर लटके ताले, हाहाकार के बीच जनता परेशान

बस्ती, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पिछले कई दिनों से डीजल और पेट्रोल की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक, ईंधन के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए हैं, और जहाँ तेल उपलब्ध है, वहाँ सैकड़ों मीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं।
किसानों और व्यापारियों पर दोहरी मार
ईंधन की इस कमी का सबसे बुरा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। डीजल न मिलने के कारण किसानों के ट्रैक्टर और सिंचाई के उपकरण खड़े हो गए हैं, जिससे फसलों की देखरेख प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर, मालवाहक वाहनों के पहिए थमने से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन की चुप्पी और जनता का आक्रोश
ईंधन भराने के लिए लोग चिलचिलाती धूप में घंटों अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार लंबी लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। लोगों में प्रशासन और तेल कंपनियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। नागरिकों का आरोप है कि इस संकट की वजह से रोजमर्रा के काम और बच्चों की स्कूल बसें तक प्रभावित हो रही हैं।
मुख्य समस्याएं एक नजर में:
परिवहन संकट: निजी और सार्वजनिक परिवहन के साधन ठप होने की कगार पर।
खेती-किसानी: डीजल की कमी से जुताई और सिंचाई का कार्य बाधित।
आर्थिक नुकसान: व्यापारियों और दैनिक वेतन भोगियों के कामकाज पर सीधा असर।

संदीप कुमार
9554548934
8287517815

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