पीलीभीत: 'लव जिहाद' और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ राष्ट्रीय हनुमान दल का जोरदार प्रदर्शन
पीलीभीत। देश में कथित तौर पर बढ़ रहे 'लव जिहाद' और अवैध धर्मांतरण के मामलों को लेकर राष्ट्रीय हनुमान दल ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने पीलीभीत कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होकर उग्र प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इन गतिविधियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए तत्काल सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है।
"जनसांख्यिकी बदलने की बड़ी साजिश"
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'लव जिहाद' और जबरन धर्मांतरण केवल छिटपुट घटनाएं नहीं हैं, बल्कि यह भारत की जनसांख्यिकी (Demography) को बिगाड़ने की एक गहरी राष्ट्र विरोधी साजिश है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हिंदू बेटियों को सुनियोजित तरीके से जाल में फंसाकर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।
कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता
ज्ञापन में महाराष्ट्र के नासिक का उदाहरण देते हुए कहा गया कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में काम करने वाली महिलाएं भी अब सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें चिन्हित कर निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इन लैंगिक अपराधों और धर्मांतरण के खेल पर लगाम नहीं लगाई गई, तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा।
"लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी गतिविधियां हमारी संस्कृति पर प्रहार हैं। केंद्र सरकार को इस पर तत्काल रोक लगाने के लिए एक प्रभावी राष्ट्रीय कानून लागू करना चाहिए।"
— अमित गुप्ता, जिला अध्यक्ष (राष्ट्रीय हनुमान दल)
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे
इस शक्ति प्रदर्शन में जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से:
नेतृत्व: अमित गुप्ता (जिला अध्यक्ष), राहुल गजवानी (जिला उपाध्यक्ष), रामानुज अवस्थी (प्रवक्ता), प्रवीन गुप्ता (मंत्री)।
क्षेत्रीय एवं जिला टीम: स्वतंत्र देवल (संरक्षक), शिरीष सक्सेना (क्षेत्रीय उपाध्यक्ष), आदित्य ओझा, राकेश मौर्य।
नगर एवं तहसील स्तर: संजीव कुमार (नगर अध्यक्ष), आलोक कश्यप (नगर महामंत्री), अर्पित सक्सेना (तहसील अध्यक्ष), शिवम कश्यप।
इसके अलावा ललित सागर, अनमोल वर्मा, वैभव त्रिपाठी, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, जसवीर सिंह और हर्षित शर्मा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की।