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*राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने की ऑनलाइन बैठक, चुनाव न कराने पर जन आंदोलन की चेतावनी।*

*बारां में 24 अप्रैल को मनाया जाएगा पंचायती राज दिवस, कलेक्ट्रेट पर सौंपा जाएगा ज्ञापन।
बारां, 21 अप्रैल 2026: पंचायत राज दिवस को लेकर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन कांग्रेस ने आज जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक आयोजित की।कार्यक्रम में थोड़ा परिवर्तन करते हुए कोंग्रेस जिला कार्यालय के स्थान पर बैठक में तय किया गया कि 24 अप्रैल 2026 को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय बारां के समीप जिला परिषद प्रवेश द्वार, गेट के पास खाली जगह में जिला कलेक्टर से अनुमति लेकर टेंट लगाकर पंचायती राज दिवस मनाया जाएगा,नेताओं के विचार और भाषण के बाद में ज्ञापन सौंपा जायेगा।
*कार्यक्रम की रूपरेखा*
जिला प्रवक्ता एस.एल. नागर एवं मीडिया प्रभारी राधेश्याम सेन ने जिला अध्यक्ष मीणा की सहमति बाद बताया कि कार्यक्रम में पदाधिकारियों के संबोधन के बाद जिला कलेक्टर महोदय को राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में पंचायती राज के सभी श्रेणी के चुनाव यथा,ग्राम पंचायत,पंचायत समिति,जिला परिषद,नगर पालिका,नगर परिषद आदि के चुनाव समय पर करवाने की मांग की जाएगी।
*एक माह का अल्टीमेटम*
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि राज्य सरकार आगामी एक माह में पंचायती राज चुनावों की घोषणा नहीं करती है तो सम्पूर्ण जिले में जन आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसके हानि-लाभ की जिमेदार सरकार होगी।
*सरकार पर लगाए आरोप*
संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने पंचायती राज के चुनावी ढांचे को खत्म कर दिया है। जनप्रतिनिधियों को प्रशासक बनाकर पंच, सरपंच, पंचायत सदस्य, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और जिला प्रमुख के अधिकार छीन लिए गए हैं। इससे ग्रामीण जनता शिक्षा,रोजगार,कुकिंग गैस,शुद्ध पानी, बिजली, सड़क और परिवहन,वृद्धावस्था पेंशन,निःशुल्क खाद्य सामग्री,महा नरेगा रोजगार,सभी विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती,किसानों का मुआवजा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आम गरीब,मध्यम आय के लोग परेशान है। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ताले लटके हुए हैं।कच्ची सामग्री,रेत,पत्थर आदि पर रोक से किसान अपने मकान तक नहीं बना पा रहे हैं। भूमाफिया सरकारी जमीनों ओर चरागाहों ओर जंगलाती जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।जिले में लावारिस गो वंस को बचाने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं के खर्चे पर गोशालाएं बनाई हैं पर उन्हें राज्य सरकार की ओर से भूमि के पट्टे नहीं मिल पा रहे है और न ही गौमाताओं के संरक्षण के लिए राज्य सरकार के द्वारा अनुदान दिया जा रहा है।
*कानून व्यवस्था पर सवाल*
संगठन ने राज्य में कानून व्यवस्था चरमराने का आरोप भी लगाया। कहा गया कि महिलाओं के साथ लूटमार और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। जिले में पुलिस अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हैं और भाजपा सरकार के लिए एजेंट का काम कर रहे हैं।तहसील ओर उपखण्ड के अधिकारी महज खानापूर्ती कर रहे है गरीबों को न्याय नही मिल रहा दिनों दिन हालात खराब होते जा रहे है।बैठक में ये रहे मौजूद
ऑनलाइन जूम मीटिंग में जिला उपाध्यक्ष, जिला महासचिव,जिला सचिव और आरजीपीआरएस के ब्लॉक अध्यक्षों ने भाग लेकर विचार रखे। धर्मपाल शर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रियंका सेन, पंकज मीणा, सुरेश सुमन, राजेन्द्र सहरिया, हरिराम मीणा, लाखन सिंह यादव, निर्मल निमोदा, पप्पू लाल बैरवा सहित समस्त ब्लॉक अध्यक्षों को 24 अप्रैल को सुबह 11 बजे तक कलेक्ट्रेट पहुंचने के निर्देश दिए गए।बैठक में निर्णय लिया गया कि बुधवार को,जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा जिला कलेक्टर से मिलकर कार्यक्रम की रूपरेखा की सूचना देंगे।जिला कलेक्टर की सूचना के बाद 22 अप्रैल को 1 बजे पुनः कार्यकर्ताओ ओर संगठन के पदाधिकारियों की अंतिम बैठक होगी जिसमें पंचायती राज दिवस को कैसे भव्य रूप दिया जावें पर विचार विमर्श होगा।मीटिंग समापन पर जिला अध्यक्ष मीणा ने सबका आभार जताया।

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