गुरुग्राम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बिताएंगे प्रकृति के साथ सुकून भरे तीन दिन
पंचकूला 21 अप्रैल : गुरुग्राम विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं आगामी 3 दिन नेचर कैंप थापली में प्रकृति की गोद में बिताएंगे। इस शिविर का आयोजन विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने तथा साहसिक गतिविधियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है । इस कैंप में विधार्थी प्रकृति को बहुत नजदीक से जानेगे और उसके महत्व को महसूस करेंगे।
तीन दिनों तक चलने वाले इस विशेष नेचर कैंप में छात्र-छात्राएं पहाड़ों, जंगलों, स्वच्छ वातावरण, पक्षियों की मधुर आवाज़ों तथा प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे। शहर की भागदौड़ और व्यस्त जीवनशैली से दूर विधार्थी प्रकृति की गोद में समय बिताएगे , मानसिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव करेंगे। उल्लेखनीय है कि नेचर कैंप थापली अपनी हरियाली, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जहां विद्यार्थियों को सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिलेगा।
सभी प्रतिभागियों को प्रथम दिन कैंप की रूपरेखा, अनुशासन और गतिविधियों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने कैंप स्थल का भ्रमण किया तथा वहां की प्राकृतिक विविधता को देखा। इस दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, जड़ी-बूटियों, वन्य जीवों और पक्षियों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने प्रकृति के बीच समूह गतिविधियों में भाग लेकर आपसी सहयोग, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का परिचय दिया।
कैंप के दौरान युवा कल्याण संयोजक ने विद्यार्थियों को प्रकृति के महत्व, पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन में प्राकृतिक संसाधनों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है और हमें इसके संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी यदि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
कैंप के दूसरे दिन विद्यार्थी ट्रेकिंग गतिविधि में भाग लेंगे। यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए रोमांचक और यादगार रहेगा। सुबह के समय सभी प्रतिभागी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में ट्रेकिंग के लिए रवाना होंगे। पहाड़ी रास्तों, घने जंगलों और प्राकृतिक पगडंडियों से गुजरते हुए विद्यार्थी साहस, धैर्य और अनुशासन का परिचय देंगे। ट्रेकिंग के दौरान वे अनेक प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेंगे तथा ऊंचाई से आसपास के मनोहारी दृश्य देखेंगे। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों मेंआत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस के महत्व को भी उजागर किया जाएगा।
ट्रेकिंग के दौरान विद्यार्थियों को रास्ते में मिलने वाले पौधों, पक्षियों और प्राकृतिक संसाधनों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षकों ने उन्हें बताया कि किस प्रकार पर्वतीय क्षेत्रों की जैव विविधता पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधार्थी प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर चलना सीखेंगे और यह समझेंगे कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।
तीसरे दिन विद्यार्थी समूह चर्चा तथा अनुभव साझा करेंगे। इस तरह की परिचर्चा से विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है।
यह तीन दिवसीय नेचर कैंप विद्यार्थियों के लिए सीख, साहस, आनंद और प्रेरणा का संगम साबित होगा।