धमकियों के साए में बातचीत नहीं’—ईरान का इनकार, ट्रंप बोले नाकाबंदी जारी रहेगी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है, जब तेहरान ने “धमकियों के साए में बातचीत” को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए वार्ता से इनकार कर दिया। ईरानी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सैन्य और आर्थिक दबाव के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने इसे ईरान पर दबाव बनाने की प्रमुख रणनीति बताया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिकी बलों ने एक ईरान-समर्थित जहाज को जब्त किया, जिसे तेहरान ने उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए संभावित जवाबी कदमों के संकेत दिए हैं। हालांकि सार्वजनिक रूप से दोनों पक्ष सख्त रुख अपनाए हुए हैं, लेकिन कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार बैक-चैनल संपर्क अब भी जारी हैं, जिससे बातचीत की एक सीमित संभावना बनी हुई है। वैश्विक बाजारों में भी इस तनाव का असर देखा गया, जहां यूरोपीय शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि बेल्जियम ने लेबनान मुद्दे पर इजरायल की नीति की आलोचना करते हुए क्षेत्रीय मतभेदों को और उजागर किया। मौजूदा हालात संकेत देते हैं कि यह संकट एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, जिसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक स्थिरता पर पड़ सकता है।