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देश के हर नागरिक की आवाज.... मुझे विकसित होकर, खिलखिलाने दो!


"कुछ समय जिंदगी का व्यतीत हो जाय तो उस समय का विश्लेषण करो कि वह समय तुम्हे जिंदगी में हराया की जिताया, अगर जीता दिया तो हमेशा ही समय को जिताते रहो और अगर हरा दिया तो फिर से आने वाले समय से जितने की कोशिश करो, अपने में नया बदलाव ला कर" यही मनुष्य के जिंदगी का मूल मंत्र है कि कभी हार से घबराओ नहीं और जीत से कभी इतराओ नहीं तथा हार को जितना सिखाओ और फिर से जीतने का प्रयास करो और जीत हासिल करो।
यह सिर्फ विचार नहीं, मानव में छिपी हुई उस शक्ति की आवाज है जो कभी झुकता नहीं, कभी रुकता नहीं और कभी टूटकर बिखरता नहीं।
इसलिए इसी से परिवार मजबूत होता है, समाज मजबूत होता है और देश मजबूत होता तथा जब देश मजबूत होगा, तो राष्ट्र के निर्माण से देश का हर नागरिक मजबूत होगा।
इसलिए आजादी के 1947 से लेकर 2027 तक इन 80 सालों में, पीछे मुड़ कर जरूर देखो, कि हमने क्या पाया, क्या खोया और क्या भविष्य के लिए सहेज कर रखा। अगर इन 80 सालों में हर साल एक प्रतिशत के हिसाब से 80 सालों में 80 प्रतिशत तक का विकास आपके परिवार,आपके समाज और आपके देश का हुआ है कि नहीं, अगर नहीं हुआ है तो इंकलाब की जरूरत है क्योंकि आजादी के जब सौ साल 2047 में जब पूरे होगे तो 100 साल में 100 प्रतिशत विकास के साथ स्वयं को, अपने आस पास के लोगों को, और देश को पूर्ण रूपेण विकसित राष्ट्र बनाना है लेकिन यह निर्णय इतना आसान नहीं है क्योंकि इस लम्बे समय के परिधि में अगर हम यह सोचकर अपनी जिंदगी को यूं ही चलाते रहे कि मेरे जिंदगी के भाग्य में बदलाव नहीं है जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा तो मेरे उपरोक्त बातों का कोई मतलब नहीं है , जिंदगी जीने के लिए जीते रहो। लेकिन अगर असल में एक बेहतर जिंदगी जीना चाहते हो। तो निर्णायक फैसले लो जो तुम्हारे परिवार के हित में हो, समाज के हित में हो और देश हित में हो।
"क्योंकि जिंदगी आपकी वही पर रुक जाती है, जहां पर आप अपने बारे में सोचना बंद कर देते हैं इसी कारण आपका व्यक्तित्व कभी पूरी जिंदगी में निखर नहीं पाता है"
इसलिए आपके हमारे समाज में गलत और अच्छे विचार रखने वाले दोनों तरह के लोग मिलेगे, इसमें यह मायने नहीं रखता कि आमुख व्यक्ति आपके कर्मठ और तीव्र विचार धारा से कितना सहमत है। क्योंकि अगर वो नेक इंसान होगा तो आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होगा और नहीं होगा तो आपके पीठ पीछे आपका शिकायत करेगा। क्योंकि आमने सामने वह आपको अपने से हमेशा बीस पाता है। इसलिए जिंदगी जीतने के लिए है हमेशा जीतने का प्रयास करो। फिर वापस आते हैं उन्नीसवीं शताब्दी से लेकर बीसवीं शताब्दी के बीच आपकी जिंदगी में हुए बदलाव को महसूस करने के लिए।
इसलिए अपने परिवार के बुजुर्ग, के पास जब आप बैठते होगे तो वे बताते जरूर होगे कि हमारी जिंदगी कैसी थी । उसके बाद आप के मन में अंदर अंदर यह ख्याल जरूर आता होगा कि आज हमारी जिन्दगी उनसे अच्छी है कि नहीं?
इसलिए यही पर आप अपने फैसले को उड़ान का रूप दे सकते हैं जहां पर आपका भविष्य उज्जवल होगा तथा आपका परिवार, आपका समाज और आपका देश नयी ऊंचाइयों को छूयेगा।
इसलिए इस गर्मी के मौसम में धूप भले बहुत तेज हो लेकिन आपके जिंदगी में होने वाले धूप से उतनी तेज और तीखा नहीं होगा जितना आपके एक गलत फैसले और वोट न देने से देश के विकास से लेकर आपके विकास तक में प्रभाव पड़ेगा।
इसलिए घर से बाहर निकलिए और अपने मन पसंद प्रत्याशी का चुनाव कीजिए जो आपके सुनहरे भविष्य के नेतृत्व का परिचायक होगा। जिससे सुदृढ़ प्रदेश बनेगा और इसी से एक सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण होगा।
सप्रेम धन्यवाद
🙏❤️🌹🎉

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