logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

पूर्व नायब सूबेदार ने विद्यार्थियों को सिखाए संस्कार व सड़क सुरक्षा के गुर रामनगर के सरकारी स्कूल में विशेष सत्र आयोजित, 21 मेधावी छात्र सम्मानित


​गन्नौर (रामनगर): 21अप्रैल26स्थानीय राजकीय उच्च विद्यालय (3526) में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और जागरूकता के लिए 'शिक्षा, संस्कार एवं सड़क सुरक्षा' विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त नायब सूबेदार व लेखक नरेश दास वैष्णव निंबार्क ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और बच्चों को जीवन में अनुशासन का महत्व समझाया।
​शिक्षा के साथ नैतिक मूल्य जरूरी
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नरेश दास वैष्णव ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है; एक आदर्श नागरिक बनने के लिए नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 में सिएरा लियोन (पश्चिम अफ्रीका) में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के दौरान भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व किया था।
​प्रश्नोत्तरी में अव्वल रहे 21 बच्चे पुरस्कृत
सत्र के दौरान बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने के लिए एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया। सही उत्तर देने वाले 21 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। बता दें कि नरेश दास अब तक कुल 724 बच्चों को सम्मानित कर चुके हैं। सेना में 24 साल की सेवा के बाद, वे पिछले 6 वर्षों से विभिन्न स्कूलों में नि:शुल्क कक्षाएं लेकर सामाजिक दायित्व निभा रहे हैं।
​ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच सुदेश कुमारी (धर्मपत्नी बलराज छोक्कर) उपस्थित रहीं। साथ ही प्राथमिक विद्यालय के मुख्य अध्यापक दिनेश भारद्वाज, अध्यापक राजेश बिबयान, सुनील कुमार, दिलबाग सिंह, राजेश छोक्कर और समाजसेवी तुलसी बैरागी ने भी शिरकत की। अतिथियों ने पूर्व नायब सूबेदार द्वारा लिखित पुस्तकों— 'बंदूक से कलम तक', 'महंत बने महाराजा', 'Sanatan Vaishnav Bairagi' और 'Nimbark Sampraday' की भी सराहना की।

0
0 views

Comment