अच्छे संग से अच्छाई आती है और बुरे संग से बुराई बढ़ती है
संत बाबा उमाकांत महाराज ने सत्संग में मानव जीवन में संगति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छे लोगों का साथ करने से अच्छाई आती है, जबकि बुरे लोगों की संगति से बुराइयां बढ़ती हैं।
उन्होंने कहा कि संगति मनुष्य के जीवन को प्रभावित कर देती है। बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध, लोभ-लालच और चरित्रहीनता तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण गलत संगति है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए बताया कि कैकेयी का स्वभाव अच्छा था, लेकिन मंथरा की संगति में आकर उनके विचार बदल गए और परिणामस्वरूप भगवान राम को वनवास जाना पड़ा।