आज का पंचाग
🚩श्री बालाजी परिवार पंचांग 🚩
🌹🌹21-अप्रैल -2026🌹🌹
📍🌷कुरुक्षेत्र (हरियाणा)🌷
🚩🚩वार मंगलवार 🚩🚩
🔅 तिथि पंचमी 01:22 AM
🔅 नक्षत्र मृगशिरा 11:59 PM
🔅 करण बव, बालव 02:47 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग शोभन 12:31 PM
🌞 सूर्योदय 05:50 AM
🌙 चन्द्रोदय 08:35 AM
🔅 ऋतु ग्रीष्म
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास वैशाख
🔅 अभिजीत 11:55 AM 12:47 PM
🔅 राहु काल 03:37 PM 05:15 PM
*व्रत त्योहार:- आज आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती है जिन्होंने सनातन धर्म की एकता के लिए भारत की चार दिशाओं में मठ स्थापित किए*
*आज का विचार "सत्य की खोज के लिए कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं, वह तुम्हारे भीतर ही है।" — आदि शंकराचार्य*
🚩मंगलवार और हनुमान 🚩
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है और उनकी पूजा से साहस, बल और मानसिक शांति मिलती है। यहाँ मंगलवार की सरल और प्रभावी पूजा विधि दी गई है:
पूजा की पूर्व तैयारी
• समय: पूजा के लिए सुबह का समय या संध्याकाल (सूर्यास्त के समय) सबसे उत्तम माना जाता है।
• वस्त्र: संभव हो तो लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
• सामग्री: लाल पुष्प, सिंदूर (चमेली के तेल के साथ), धूप, दीप (घी या चमेली के तेल का), लाल लंगोट (वैकल्पिक), और प्रसाद (बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू)।
पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
1. आचमन और शुद्धि: सबसे पहले हाथ में जल लेकर स्वयं पर छिड़कें और पवित्र हों।
2. संकल्प: हाथ में थोड़ा जल और अक्षत लेकर अपनी मनोकामना का स्मरण करें और हनुमान जी से प्रार्थना करें।
3. दीपक प्रज्वलित करें: हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
4. सिंदूर अर्पण: हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाएं। (स्त्रियां केवल उनके चरणों में पुष्प अर्पित करें)।
5. पुष्प और नैवेद्य: लाल रंग के फूल (जैसे गुड़हल) अर्पित करें और फिर लड्डू या चने-गुड़ का भोग लगाएं।
6. पाठ: * हनुमान चालीसा का पाठ करें।
• यदि समय हो, तो बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है।
1. आरती: अंत में कपूर या दीपक से हनुमान जी की आरती करें।
*मंगलवार के विशेष नियम और सावधानी*
ब्रह्मचर्य
मंगलवार के दिन शारीरिक और मानसिक शुद्धि (ब्रह्मचर्य) का पालन अनिवार्य है।
भोजन
इस दिन तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन) का त्याग करना चाहिए।
दान
पूजा के बाद बंदरों को गुड़ और चना खिलाना शुभ माना जाता है।
नमक
यदि आप मंगलवार का व्रत रखते हैं, तो उस दिन नमक का सेवन न करें।
विशेष बात
हनुमान जी की पूजा से पहले भगवान श्री राम का स्मरण करना न भूलें। मान्यता है कि जहाँ "राम" नाम का संकीर्तन होता है, हनुमान जी वहाँ स्वतः विराजमान हो जाते हैं।
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