अक्षय तृतीया पर जयमंगलागढ़ से निकली बाबा परशुराम समरसता धर्म यात्रा, जय परशुराम के नारों से गूंजा इलाका
अक्षय तृतीया पर जयमंगलागढ़ से निकली बाबा परशुराम समरसता धर्म यात्रा, जय परशुराम के नारों से गूंजा इलाका
मंझौल प्रतिनिधि
अन्याय, अत्याचार और तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष कर लोकशाही की स्थापना के प्रतीक भगवान परशुराम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोमवार को जयमंगलागढ़ से बाबा परशुराम समरसता धर्म यात्रा की भव्य शुरुआत की गई. जयमंगला वाहिनी परिवार के तत्वावधान में हर वर्ष अक्षय तृतीया पर निकाली जाने वाली यह यात्रा इस बार भी श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हुई. सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु और युवा जयमंगलागढ़ स्थित ऐतिहासिक जयमंगला माता मंदिर परिसर में जुटे. सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया. इसके बाद शंख और घंटों की गूंज तथा ‘जय परशुराम’ के जयघोष के साथ समरसता यात्रा को रवाना किया गया. यात्रा के शुभारंभ पर वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम अन्याय, अत्याचार और तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष कर जीत दर्ज करने और लोकशाही की स्थापना कराने के प्रतीक हैं. विश्व में पहली बार भगवान परशुराम ने ही आम लोगों को भूमि पर अधिकार दिलाया था. समरस समाज की स्थापना का श्रेय भी भगवान परशुराम को जाता है. उनके आदर्शों पर चलकर ही समाज में समता और भाईचारा कायम रखा जा सकता है. यह धर्म यात्रा मंझौल के जयमंगलागढ़ से चलकर मोहनपुर, रजौरा, बेगूसराय, जीरोमाइल, चकिया, हथिदह होते हुए पटना जिले के मोकामा स्थित प्राचीन बाबा परशुराम मंदिर में संपन्न होगी. यात्रा में दर्जनों मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों का काफिला शामिल रहा. मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया . युवा शक्ति की बड़ी भागीदारी ने इस समरसता यात्रा को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया. हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा जय परशुराम और समरसता जिंदाबाद के नारे लगाते चल रहे थे. पूरे रास्ते भक्ति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिला.
मौके पर समरसता यात्रा के संयोजक अवनीश कुमार उर्फ सिंह मालिक ने बताया कि भगवान परशुराम का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय के आगे झुकना नहीं चाहिए. यह यात्रा समाज को जोड़ने और समरसता का संदेश देने के लिए निकाली जाती है .
यात्रा में सुमित कुमार, अमूल कुमार, अमृत कुमार, गौतम सिंह वत्स, विनय कुमार, विक्रम झा, प्रभाष कुमार, राजकुमार, अभिजीत कुमार, निशांत कुमार, अमित कुमार, संजय कुमार समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे.