महिला आरक्षण पर झामुमो का भाजपा पर हमला, कहा—“घड़ियाली आंसू बहा रही है सरकार”
मेदिनीनगर : महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। झामुमो पलामू जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने प्रेस बयान जारी कर आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ “घड़ियाली आंसू” बहा रही है, जबकि इसे लागू करने की कोई ठोस मंशा नहीं दिख रही।
राजेंद्र सिन्हा ने कहा कि हाल ही में 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका, जिसे भाजपा नेता महिला आरक्षण कानून से जोड़कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण से संबंधित 106वां संविधान संशोधन विधेयक वर्ष 2023 में पहले ही पारित हो चुका है, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून में जनगणना और परिसीमन की शर्त जोड़कर इसके क्रियान्वयन को अनिश्चित समय के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट होती, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में ही महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल सकता था।
झामुमो नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर बिना व्यापक चर्चा और सर्वदलीय सहमति के 131वां संशोधन विधेयक लाया गया, जिसके साथ परिसीमन से जुड़े अन्य प्रस्ताव भी पेश किए गए। उनका कहना है कि महिला आरक्षण के मुद्दे की आड़ में अन्य प्रावधानों को पारित कराने की कोशिश की जा रही है।
मौके पर मौजूद पार्टी के सचिव रंजन चंद्रवंशी ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो उसे तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल कानून बनाने से नहीं, बल्कि उसके समयबद्ध क्रियान्वयन से संभव है।
वहीं, झामुमो नेता सन्नी शुक्ला ने केंद्र सरकार से जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और महिला आरक्षण लागू करने की स्पष्ट समयसीमा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अब देश की महिलाएं केवल वादों से संतुष्ट नहीं होंगी, बल्कि ठोस परिणाम चाहती हैं।