यह खबर मनरेगा में भ्रष्टाचार और एक गरीब मजदूर के हक की चोरी को दर्शाती है, जो कि बहुत ही संवेदनशील मामला है।
"मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना
यह खबर मनरेगा में भ्रष्टाचार और एक गरीब मजदूर के हक की चोरी को दर्शाती है, जो कि बहुत ही संवेदनशील मामला है।
"मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना में इस तरह का फर्जीवाड़ा और आधार कार्ड बदलकर मजदूरी हड़पना बेहद शर्मनाक है। ₹28,000 की बकाया राशि को मात्र ₹2,300 बताकर मामले को दबाना अन्याय है। उच्चाधिकारियों को इस ई-केवाईसी धांधली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जेल भेजना चाहिए।"
"राम अचल पाल जैसे मेहनतकश मजदूरों का पैसा दूसरे के खाते में भेजना तकनीकी गलती नहीं, बल्कि एक साजिश लगती है। शिकायत करने पर पीड़ित को ही एफआईआर की धमकी देना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। गरीब का हक मारना बंद होना चाहिए।"
"अमेठी के दरखा ग्राम पंचायत का यह मामला मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है। बिना जानकारी के जॉब कार्ड से छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। शासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर राम अचल जी को उनकी पूरी मजदूरी दिलवानी चाहिए।"
अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए (टैगिंग के साथ)
"जब साक्ष्य साथ में दिए गए हैं, तो कार्रवाई में देरी क्यों? प्रधान और सचिव द्वारा दी जा रही धमकी की भी जांच होनी चाहिए। एक गरीब मजदूर की मेहनत की कमाई डकारने वालों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
जनहित के मुद्दों पर आवाज़ उठाना क्या गलत है? #JusticeForLabourer #MNREGA #Amethi"