जूते पहले पहनने के विवाद में भाई बना हत्यारा: कैंची से वार कर छोटे भाई को उतारा मौत के घाट
जूते पहले पहनने के विवाद में भाई बना हत्यारा: कैंची से वार कर छोटे भाई को उतारा मौत के घाट
**महराजगंज (प्रदीप सिंह):** जनपद के घुघली थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ महज 'जूते पहले पहनने' की जिद ने एक किशोर की जान ले ली। सोमवार सुबह हुई इस खूनी भिड़ंत ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को सन्न कर दिया है।
विवाद की जड़: ऑनलाइन मंगाए गए जूते
जानकारी के मुताबिक, घटना घुघली थाना क्षेत्र के ग्राम चौमुखा नौका टोला की है। यहाँ रहने वाले सूरज शर्मा (16 वर्ष) और उसके छोटे भाई लक्ष्मण शर्मा (15 वर्ष) के बीच सोमवार सुबह करीब 10:35 बजेविवाद शुरू हुआ। विवाद का कारण घर पर ऑनलाइन मंगाए गए नए जूते थे। दोनों भाइयों में इस बात की होड़ मच गई कि उन जूतों को पहले कौन पहनेगा।
गुस्से में आपा खोया, कैंची से किए कई वार
शुरुआत में मामला महज कहासुनी तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। आरोप है कि बड़े भाई सूरज ने तैश में आकर पास रखी कैंची उठा ली और छोटे भाई लक्ष्मण पर हमला कर दिया। सूरज ने लक्ष्मण के सिर और हाथ पर कई घातक वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायल लक्ष्मण को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) घुघली ले गए। हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिला अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने लक्ष्मण को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी कुंवर गौरव सिंह ने बताया:
"मामला संज्ञान में है और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
एक नजर में घटनाक्रम:
स्थान:ग्राम चौमुखा नौका टोला, थाना घुघली।
समय:सोमवार सुबह लगभग 10:35 बजे।
आरोपी:सूरज शर्मा (16 वर्ष)।
मृतक:लक्ष्मण शर्मा (15 वर्ष)।
वजह:ऑनलाइन मंगाए गए जूतों को पहले पहनने का विवाद।
इस घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग हैरान हैं कि कैसे बच्चों का एक मामूली झगड़ा इतनी बड़ी त्रासदी में बदल गया।