डेवलपमेंट ऑफ़ साइंटिफिक लीडरशिप इन वीमेन थ्रू एडवांस्ड मैटेरियल्स रिसर्च एंड कैरेक्टराइजेशन" विषय पर कार्यशाला आयोजित
खानपुर कलां, 20 अप्रैल।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में आज महिला वैज्ञानिक नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक साप्ताहिक कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च चंडीगढ़ के सहयोग से “ डेवलपमेंट ऑफ़ साइंटिफिक लीडरशिप इन वीमेन थ्रू एडवांस्ड मैटेरियल्स रिसर्च एंड कैरेक्टराइजेशन" विषय पर आयोजित यह कार्यशाला 24 अप्रैल तक चलेगी। कार्यशाला की अध्यक्षता फैकल्टी ऑफ़ साइंसेज के डीन प्रो सुनील सांगवान ने की। कार्यक्रम के शुभारम्भ सत्र में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुदेश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की । अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल ज्ञानवर्धन का माध्यम है, बल्कि यह प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और नवाचार की भावना भी विकसित करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शोध के क्षेत्र में नई सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय रोहतक के प्रोफेसर राजेश पुनिया ने प्रतिभागियों को सम्बोधित किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र आधुनिक विज्ञान और औद्योगिक विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने विभिन्न आधुनिक शोध तकनीकों, उपकरणों तथा कैरेक्टराइजेशन विधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को शोध में गुणवत्ता और नवाचार को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।इस अवसर पर नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च चंडीगढ़ से आए डॉ. अशोक कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्नत अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से ही महिलाएं वैज्ञानिक नेतृत्व के क्षेत्र में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को ज्ञान, कौशल और नवाचार को बढ़ावा देने वाला प्रभावी मंच बताया। कार्यशाला की कोर्डिनेटर डॉ शीला मलिक ने बताया कि इस कार्यशाला में देश भर से 85 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें शोधार्थी, छात्राएं तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, प्रायोगिक सत्र तथा संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को उन्नत अनुसंधान तकनीकों से परिचित कराया गया। डॉ शीला मलिक ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध होगी।
फोटो कैप्शन :-01 दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते कुलपति प्रो सुदेश। 02 प्रतिभागियों को सम्बोधित करते कुलपति प्रो सुदेश।