रजिस्ट्रेशन की बाध्यता खत्म: अब सीधे क्रय केंद्र पर बिकेगा गेहूं, किसानों को बड़ी राहत
संवाददाता : AIMA, लखीमपुर खीरी
प्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गेहूं खरीद व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को बड़ी सहूलियत दी है। अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के भी सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे।
अब तक लागू व्यवस्था में किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य था, लेकिन तकनीकी खामियों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों की कमी के चलते यह प्रक्रिया कई किसानों के लिए मुश्किल बन गई थी। परिणामस्वरूप, समय पर पंजीकरण न हो पाने के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह जाते थे।
किसानों की परेशानी बनी फैसले की वजह
सरकार के संज्ञान में यह बात आई थी कि गेहूं खरीद का समय सीमित होता है और रजिस्ट्रेशन में देरी किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है। कई गांवों में इंटरनेट की उपलब्धता और तकनीकी जानकारी की कमी भी एक बड़ी बाधा थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया।
प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं—
नई व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए
किसी भी किसान को खरीद केंद्र पर बेवजह न रोका जाए
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया जाए
किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से किसानों को कई स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है—
बिना कागजी झंझट के सीधे गेहूं बेचने की सुविधा
बिचौलियों की भूमिका में कमी
समय पर भुगतान मिलने की संभावना बढ़ेगी
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल किसानों को तत्काल राहत देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। समय पर बिक्री और भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अगली फसल की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम किसानों के हित में एक अहम निर्णय माना जा रहा है, जिससे गेहूं खरीद व्यवस्था अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बन सकेगी।