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तीन साल से बंद त्रिवेणी लिंक एक्सप्रेस: रमनार्इ स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें, चिकित्सा के लिए लखनऊ जाने वाले लोग परेशान

रमना (गढ़वा): धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत गढ़वा रोड-चोपन रेलखंड पर स्थित रमना रेलवे स्टेशन का कायाकल्प तो कर दिया गया है, लेकिन यात्री सुविधाओं के नाम पर यहाँ के लोग आज भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। विशेष रूप से लॉकडाउन के समय से बंद की गई बरवाडीह-लखनऊ-बरेली त्रिवेणी लिंक एक्सप्रेस और बरवाडीह-चुनार सवारी गाड़ी का परिचालन तीन साल बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है।
​इलाज के लिए PGI लखनऊ जाने वालों की राह हुई मुश्किल
​स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों का कहना है कि त्रिवेणी लिंक एक्सप्रेस इस क्षेत्र के लिए जीवनरेखा के समान थी। बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए PGI लखनऊ इसी ट्रेन से जाते थे। अब ट्रेन बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को चोपन जाकर गाड़ी पकड़नी पड़ती है या फिर निजी वाहनों का महंगा सहारा लेना पड़ता है।
​इन क्षेत्रों के यात्री हैं सर्वाधिक प्रभावित
​ट्रेन सेवा ठप होने से केवल रमना ही नहीं, बल्कि आसपास के कई प्रखंडों के लोग प्रभावित हैं:
​प्रखंड: रमना, विशुनपुरा, डंडई और धुरकी।
​प्रमुख संपर्क स्थल: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, रेनुकूट, रावटगंज, चोपन और वाराणसी जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
​रेलवे की समय सारिणी का गणित
​बरवाडीह-चुनार पैसेंजर (53351): यह ट्रेन सप्ताह के सातों दिन चलती थी और बरवाडीह से रात 2:00 बजे खुलकर सुबह 11:55 बजे चुनार पहुँचती थी। यह 32 स्टेशनों पर रुकते हुए लगभग 10 घंटे का सफर तय करती थी।
​त्रिवेणी लिंक एक्सप्रेस (14371): यह ट्रेन भी प्रतिदिन चलती थी और बरवाडीह से टनकपुर के बीच 43 स्टेशनों पर इसका ठहराव था।
​जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मांग
​स्थानीय नागरिकों ने रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार से इन ट्रेनों को अविलंब पुनः शुरू करने की मांग की है।
​प्रभात कुमार (सांसद प्रतिनिधि): उन्होंने बताया कि बंद ट्रेनों के परिचालन और शक्तिपुंज एक्सप्रेस व टाटा-पठानकोट एक्सप्रेस का रमना स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने के लिए सांसद विष्णु दयाल राम को मांग पत्र सौंपा गया है।
​रंजीत कुमार व अन्य ग्रामीण: ग्रामीणों का कहना है कि स्टेशन की इमारतों को चमकाने से ज्यादा जरूरी ट्रेनों का परिचालन है, ताकि आम जनता को रेल सुविधा का वास्तविक लाभ मिल सके।

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