Supreme court
अस्पष्ट आदेश जमीनी वाद मैं कोई FIR नहीं ।
लेन-देन के सिविल विवादों में दर्ज नहीं होगी एफआईआर:- हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सामान्य लेन-देन और धन संबंधी सिविल विवादों को आपराधिक मामला बनाकर एफआईआर दर्ज नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा आपराधिक धाराएं लगाना कानून की मंशा के विपरीत है।
न्यायालय ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही चार सप्ताह में पालन रिपोर्ट भी तलब की गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस सिविल विवादों को जबरन आपराधिक रंग न दे और उचित मंच पर समाधान की प्रक्रिया अपनाई जाए।
किन मामलों को सिविल विवाद माना जाएगा, इस पर भी स्पष्ट किया गया कि व्यापारिक लेन-देन, भुगतान संबंधी विवाद, अनुबंध का पालन न होना, मकान-मालिक और किरायेदार के झगड़े जैसे मामले सामान्यतः सिविल प्रकृति के होते हैं।
अदालत ने माना कि आपराधिक कानून का दुरुपयोग कर किसी पक्ष पर दबाव बनाना न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है।
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