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बाल विवाह कराने, सहयोग देने वाले व्यक्ति, संस्था व संगठन को दो वर्ष तक कारावास और 1 लाख रुपए के जुर्माना या दोनों का है प्रावधान

🔳बाल विवाह कराने, सहयोग देन वाले व्‍यक्ति, संस्‍था व संगठन को दो वर्ष तक कारावास और 1 लाख रूपये के जुर्माना या दोनों का है प्रावधान

🔳कटनी - जिले में अक्षय तृतीया पर्व एवं अन्‍य विवाह मुहूर्तों पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर एक सशक्‍त, समन्वित और बहुस्‍तरीय व्‍यापक कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए विकासखंड स्‍तर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की अध्‍यक्षता में 6 सदस्‍यीय बाल विवाह रोकथाम दल गठित किया गया है।

कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाल विवाह निगरानी समितियां और कोर ग्रुप बाल विवाह संबंधी गतिवधियों पर सख्‍त नजर रखें। उन्‍होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है। समाज में इस कुप्रथा का स्‍वरूप बहुत ही भयावह है। कलेक्‍टर श्री तिवारी ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज से भी आगे आने और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। उन्‍होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम सहित संबंधित एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को भी दी जा सकती है।

कलेक्‍टर ने ताकीद किया कि प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम के लिए सजग और मुस्‍तैद है। बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 की धारा 9,10,11 एवं 13 के तहत बालविवाह कराने, सहयोग देने वाले व्‍यक्ति, व्‍यक्तियों , संस्‍था, सामाजिक संगठन के लिए दो वर्ष तक कारावास अथवा एक लाख रूपये का जुर्माना या दोनो का प्रावधान है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास ने हलवाई, प्रेस करने वाले, कैटरर्स, धर्मगुरू, समाज के मुखिया, बैंड बाजा वाले, घोड़ी वाले और ट्रांसपोर्टर आदि से भी अनुरोध किया है कि वे बाल विवाह करने और कराने वालों को अपनी सेवायें कदापि प्रदान नहीं करें, अन्‍यथा वे भी बाल विवाह के सहयोगी माने जायेंगें और बाल विवाह रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत विधि संगत धाराओं के तहत कार्यवाही के दायरे में आ जायेंगें।

बाल विवाह मुक्‍त भारत पोर्टल

महिला बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल विवाह मुक्‍त भारत अभियान की शुरूआत की गई है। इसके तहत बाल विवाह मुक्‍त भारत पोर्टल बनाया गया है। यह पोर्टल एक ऐसा अभिनव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को बाल विवाह की घटनाओं की रिपोर्ट करने, शिकायत दर्ज करने और देशभर में बाल विवाह निषेध अधिकारियों के बारे में जानकारी प्रदान करने में सक्षम बनाता है। हेल्पलाइन नंबर 181, 1098, 100 और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल (https://stopchildmarriage.wcd.gov.in) का पर भी सूचना या जानकारी दर्ज कराई जा सकती है।
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