बड़ा खुलासा: कंपनी पर लाखों रुपये दबाने का आरोप, तीन कर्मचारियों की शिकायत पर एक्शन की मांग
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उत्तराखंड में श्रमिक शोषण का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां Flexituff Ventures International Limited कंपनी के खिलाफ तीन कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन मामलों को एडवोकेट उपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री, विश्व हिंदू रक्षा संगठन द्वारा श्रम विभाग, उत्तराखंड में आधिकारिक रूप से उठाया गया है।
शिकायत के अनुसार, सुरेश धोंडू तेलमासरे, हिमांशु कुमार और पंकज पालित कंपनी में लंबे समय तक कार्यरत रहे, लेकिन कंपनी ने इनके वैधानिक भुगतान रोक दिए।
सुरेश धोंडू तेलमासरे के मामले में वर्ष 2022 से 2024 तक का लगभग ₹1,50,000 PF, ₹2,22,831 ग्रेच्युटी और फरवरी से जुलाई 2025 तक का ₹1,86,034 वेतन/बोनस बकाया बताया गया है।
वहीं हिमांशु कुमार का मामला और भी बड़ा है, जिनका लगभग ₹7,00,000 PF, ₹6,00,000 ग्रेच्युटी और जनवरी से अगस्त 2025 तक का ₹7,10,000 वेतन कंपनी द्वारा नहीं दिया गया है।
इसके अलावा पंकज पालित का भी लगभग ₹49,098 PF, ₹36,000 ग्रेच्युटी और मई से अगस्त 2025 तक का ₹66,723 वेतन बकाया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने सितंबर 2025 से अवैध रूप से ले-ऑफ लागू कर रखा है, जो श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एडवोकेट उपेंद्र सिंह ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए श्रम विभाग से मांग की है कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सभी कर्मचारियों को उनका बकाया PF, वेतन और ग्रेच्युटी जल्द से जल्द दिलाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला PF अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम, बोनस अधिनियम, ग्रेच्युटी अधिनियम और औद्योगिक विवाद अधिनियम के गंभीर उल्लंघन के अंतर्गत आता है, जिसमें कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है।
अब सबकी नजरें श्रम विभाग, उत्तराखंड पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ित कर्मचारियों को कब तक न्याय मिल पाता है।