संभल तहसील में जनसुनवाई पोर्टल पर गंभीर आरोप: फर्जी निस्तारण से दबाए जा रहे संज्ञेय अपराध +7 775 365 0700 विदेशी नंबर के इशारे पर हो रहे हैं हमले उच्च अधिकारी भी मौन...
संभल तहसील में जनसुनवाई पोर्टल पर गंभीर आरोप: फर्जी निस्तारण से दबाए जा रहे संज्ञेय अपराध
संभल (उ.प्र.) — तहसील संभल से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां जनसुनवाई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि शिकायतों के वास्तविक तथ्यों को दरकिनार करते हुए, हमलावर पक्ष से ही बयान दर्ज कराकर फर्जी “निस्तारण रिपोर्ट” तैयार की जा रही है और उसे पोर्टल पर अपलोड कर मामले को बंद दिखा दिया जाता है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि इससे दर्जनों संज्ञेय अपराधों को व्यवस्थित तरीके से छुपाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वास्तविक पीड़ितों की बात सुने बिना ही मामलों को “निस्तारित” दिखा दिया जाता है, जिससे जनसुनवाई पोर्टल की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
उच्च अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित उच्च अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया पर जुलाई 2024 से अप्रैल 2026 तक मौन साधे हुए हैं।सैकड़ों शिकायतों और साक्ष्यों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक निष्क्रियता की आशंका गहराती जा रही है।
धमकियों और हमलों का भी आरोप
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए पीड़ित ने दावा किया है कि उन्हें विदेशी मोबाइल नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों के बाद भी कथित रूप से जानलेवा हमलों की घटनाएं जारी हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बना हुआ है।
जनता में बढ़ता आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जनसुनवाई जैसी व्यवस्था ही निष्पक्ष न रहे, तो आम नागरिक न्याय के लिए कहां जाए। “न्याय कब मिलेगा?” यह सवाल अब क्षेत्र में जनचर्चा का विषय बन गया है।
मांगें
सभी निस्तारण रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच
पीड़ित पक्ष के बयान का अनिवार्य समावेश
संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
धमकियों और हमलों की निष्पक्ष जांच हो
यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि न्याय व्यवस्था के दुरुपयोग का भी गंभीर उदाहरण बन सकता है।
संबंधित द्वारा बाकी हम संभाल लेंगे ये कह कर
Attempt to Murder के अपराधियों को नैनीताल की हरी भरी वादियों में मस्ती मारने के लिए भेजा जा रहा है।चिंता जानक