भगवान परशुराम प्रकटोत्सव पर मेरठ हुआ परशुराममय, हजारों युवाओं ने निकाली शौर्य यात्रा
मेरठ। भगवान परशुराम प्रकटोत्सव कार्यक्रम के निमित्त समस्त ब्राह्मण त्यागी समाज संगठनों द्वारा एक भव्य संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय गेट पर विशाल एकत्रीकरण किया गया, जहां से शौर्य यात्रा का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन के.सी. त्यागी पूर्व सांसद राज्यसभा/लोकसभा, डॉ. सोमेंद्र तोमर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री, अमरपाल शर्मा पूर्व विधायक गाजियाबाद, विवेक रस्तोगी महानगर अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, कमल दत्त शर्मा पूर्व भाजपा प्रत्याशी, केशव गोयल एवं आलोक सिसोदिया सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अरविंद शर्मा, मनीष पहलवान और अनुज कौशिक ने सभी अतिथियों का भगवान परशुराम जी का चित्र भेंट कर स्वागत किया। इसके पश्चात निकाली गई शौर्य यात्रा में हजारों की संख्या में युवा भगवान परशुराम जी के चित्र एवं फरसा लेकर उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
किला परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, दौराला, सिसौली और गढ़ रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों से यात्रा विश्वविद्यालय गेट पर पहुंची, जहां से संयुक्त रूप से तेजगढ़ी चौराहा और गढ़ रोड होते हुए दशावतार भगवान परशुराम राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण में इसका समापन हुआ।
मंदिर प्रांगण में समापन के उपरांत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इससे पूर्व मंदिर परिसर में अक्षय यज्ञ का आयोजन आचार्य देवेंद्र शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ। यज्ञ में सच्चिदानंद शर्मा, वसुंधरा शर्मा, मुकेश शर्मा, अनीता शर्मा तथा श्री एवं श्रीमती सुभाष शर्मा यजमान के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए अमरपाल शर्मा ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र, आदर्शों और उनके शौर्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रिंस पंडित एनसीआर और राजू शर्मा ने अपनी विशेष प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया। संपूर्ण गढ़ रोड सहित पूरा मेरठ महानगर परशुराममय वातावरण में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम का संचालन राकेश गौड़ ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विवेक गौड़, मधुमेह शर्मा, अतुल दीक्षित, महेश शर्मा, ऋषभ पाराशर, अनिल शर्मा, अश्वनी कौशिक, प्रशांत कौशिक, कन्हैया शर्मा, दीपक चोटी, प्रशांत भारद्वाज, नितीश भारद्वाज, मोनू त्यागी, गौरव दत्ता, विग्नेश शर्मा, सुशील बंसल, संदीप पाराशर सहित अनेक समाजबंधुओं का विशेष योगदान रहा।