गर्मी की छुट्टियों में भी ठंडे रहेंगे शिक्षकों के तबादले, जनगणना ड्यूटी बनी वजह
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को इस बार भी गर्मी की छुट्टियों में तबादलों की सौगात मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। दरअसल, मई के अंत से शुरू होने वाली जनगणना से जुड़ी ड्यूटी के चलते स्थानांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ पाना मुश्किल दिख रहा है। जानकारी के अनुसार, मई के आखिर में जनगणना के लिए घर-घर सर्वे का काम शुरू होना प्रस्तावित है। इसके चलते शिक्षकों की बड़ी संख्या इस कार्य में व्यस्त रहेगी, जिससे तबादलों की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बेहद कम हो गई है। जून में भी महज एक सप्ताह से दस दिन का ही समय मिलने की बात कही जा रही है, जो प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष शिक्षकों के तबादले गर्मी की छुट्टियों में ही किए गए थे, जबकि सर्दियों में दिसंबर के दौरान एसीआर आदि कारणों से यह प्रक्रिया नहीं हो सकी थी। इस बार शिक्षकों को उम्मीद थी कि गर्मी की छुट्टियों में स्थानांतरण का मौका मिलेगा, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जनगणना के लिए प्रशिक्षण जल्द शुरू होने वाला है और 22 मई से 20 जून तक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है। ऐसे में विभाग के पास सीमित समय ही बचेगा। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, यदि जनगणना की तारीखों में बदलाव नहीं हुआ तो तबादलों की प्रक्रिया इस बार भी टल सकती है। हालांकि, विभागीय स्तर पर तबादला नीति इसी महीने जारी होने की संभावना जताई जा रही है। यदि विभाग चाहे तो जनगणना शुरू होने से पहले प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह संभव नहीं दिख रहा। कुल मिलाकर, जनगणना कार्य के दबाव के चलते इस बार भी शिक्षकों के तबादले गर्मी की छुट्टियों में ठंडे पड़ते नजर आ रहे हैं।