बिंदा टोल प्लाजा पर लोगों को सिखाए मधुमक्खी के हमलों से बचने के उपाय
भास्कर न्यूज| झालावाड़ गर्मी के मौसम के साथ मधुमक्खियों के अटैक के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है। इसी को देखते हुए बिंदा टोल प्लाजा पर मधुमक्खी हमले से बचाव के लिए विशेष बी स्टिंग सेफ्टी एवं अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। खेतों, टोल प्लाजा, निर्माण स्थलों और पुरानी इमारतों के आसपास काम करने वाले लोग इस खतरे के बीच रहते हैं। ऐसे में सही जानकारी के अभाव और समय पर उचित कदम न उठाने से कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है।
कार्यक्रम सीएमएचओ डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन में तथा जिला नोडल अधिकारी व चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार के संचालन में हुआ। इसमें टोल कर्मियों, ग्रामीणों और आसपास काम करने वाले लोगों को मधुमक्खी हमले की स्थिति में सही प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि मधुमक्खी का डंक केवल दर्द या सूजन तक सीमित नहीं होता।
कई मामलों में इससे गंभीर एलर्जिक रिएक्शन एनाफिलैक्सिस हो सकता है, जिसमें कुछ ही मिनटों में सांस लेने में परेशानी, गले में सूजन और बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है। इस से इलाज आसान स्क्रेप - डंक को तुरंत खुरचकर निकालें। नाखून, कार्ड या किसी सपाट चीज से हल्के से स्क्रेप करके निकालना चाहिए। डंक को उंगली या चिमटी से दबाकर नहीं निकालना चाहिए, क्योंकि इससे और अधिक विष शरीर में जा सकता है। वॉश- डंक निकलने के बाद उस जगह को साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। आइस- डंक वाली जगह पर बर्फ या ठंडी पट्टी लगाएं। वॉच- सांस लेने में परेशानी, चक्कर, सूजन या एलर्जी जैसे लक्षण दिखें तो अस्पताल ले जाएं।
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