विश्व विरासत दिवस पर गागरोन दुर्ग में संगोष्ठी हुई
झालावाड़| विश्व विरासत दिवस के अवसर पर शनिवार को पर्यटन विकास समिति झालावाड़ द्वारा विश्व धरोहर जल दुर्ग गागरोन परिसर स्थित गणेश पोल पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय ‘विश्व धरोहर इतिहास के झरोखे से’ रखा गया, जिसमें इतिहास, विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि गागरोन दुर्ग का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था और 21 जून 2013 को इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। समिति संयोजक ओम पाठक ने कहा कि गागरोन जल दुर्ग जिले की शान है और इसके संरक्षण व विकास के लिए प्रशासन सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने जौहर कुंड के सुधार और वहां जौहर गाथाओं के चित्रांकन व मूर्तियां स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
संगोष्ठी में सदस्य लक्ष्मीकांत पहाड़िया, डॉ. नंदसिंह राठौर ने दुर्ग के भीतर स्थित मंदिरों के जीर्णोद्धार की बात कही। वहीं सालीगराम दांगी ने पर्यटकों के लिए छाया, बगीचे और स्थानीय संगीत के माध्यम से वीरगाथाओं के प्रस्तुतीकरण की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। संगोष्ठी में भगवती प्रकाश मेहरा, ठाकुर मंजित सिंह कुशवाह, सत्यनारायण सुमन, सूरजकरण नागर, अलीम बेग, कन्हैयालाल कश्यप सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
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