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महिला आरक्षण पर सियासत तेज: रेवंत रेड्डी ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, कहा—“परिसीमन के जरिए राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश

नई दिल्ली, 18 अप्रैल। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेड्डी ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को “मुखौटा” बनाकर परिसीमन के जरिए चुनावी फायदा उठाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की एकजुटता के कारण लोकसभा में भाजपा की यह रणनीति सफल नहीं हो पाई।

रेड्डी ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा का “400 पार” नारा ही उनकी मंशा को दर्शाता है। उनके मुताबिक, भाजपा संविधान में बदलाव कर डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए आरक्षण प्रावधानों को कमजोर या खत्म करना चाहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अब विपक्ष पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस हमेशा से इस बिल के समर्थन में रही है। कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी ने महिलाओं को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे उच्च पदों तक पहुंचाया है।

राजीव गांधी के योगदान का जिक्र करते हुए रेड्डी ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने का श्रेय कांग्रेस को जाता है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने अब तक किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया है।

रेड्डी ने चेतावनी दी कि संविधान में संशोधन के लिए भाजपा को दो-तिहाई बहुमत चाहिए, और इसी लक्ष्य को पाने के लिए परिसीमन के जरिए सीटों का संतुलन बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर परिसीमन निष्पक्ष नहीं हुआ, तो भविष्य में आरक्षण व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।

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