ग्वालियर के आसपास की पहाड़ियों को हरा भरा करने के साथ साथ पर्यटन की दृष्टि से भी किया जायेगा विकसित
ग्वालियर के आसपास की पहाड़ियों को हरा-भरा करने के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी किया जायेगा विकसित
प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का लिया जायेगा सहयोग
पहाड़ियों पर जल संरक्षण के लिये भी किए जायेंगे सार्थक प्रयास
कलेक्टर श्रीमती चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय
ग्वालियर शहर के आसपास स्थित पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने के साथ-साथ नागरिकों के लिये पर्यटन के रूप में विकसित करने का कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही इन पहाड़ियों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा अवैध उत्खनन को सख्ती के साथ रोकने का कार्य भी किया जायेगा। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से किए जा रहे इस कार्य में शासन-प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग भी लिया जायेगा।
माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा एक जनहित याचिका के संबंध में जारी निर्देशों के पालन में गठित कमेटी की कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है। कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय , पूर्व प्रिंसिपल रजिस्ट्रार श्री गौरीशंकर दुबे, डी एफ ओ श्री मुकेश पटेल एडीएम श्री सी बी प्रसाद, अपर आयुक्त नगर निगम श्री प्रदीप तोमर, डॉ श्री धर्मेन्द्र रिछारिया, एमडी आयुर्वेद श्री प्रशांत शर्मा, उच्च न्यायालय के शासकीय अभिभाषक श्री रविन्द्र दीक्षित व वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विश्वविद्यालय डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री विवेक खेडकर व वरिष्ठ वेटनरी सर्जन श्री आशुतोष गुप्ता ऑनलाइन शामिल हुए।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि ग्वालियर के आसपास की पहाड़ियों को हरा-भरा और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिये सर्वप्रथम पहाड़ियों का चयन किया जाए। इसके साथ ही वन विभाग, नगर निगम एवं अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर इन पहाड़ियों पर वृहद वृक्षारोपण का कार्य किया जायेगा। इसके लिये एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जायेगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पहाड़ियों पर अतिक्रमण न हो, इसके साथ-साथ अवैध उत्खनन को भी सख्ती के साथ रोका जायेगा।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगर निगम के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से जिस प्रकार आनंद पर्वत, हरि पर्वत को विकसित करने का कार्य किया गया है। उसी तर्ज पर चिन्हित पहाड़ियों को भी विकसित करने का कार्य किया जायेगा।
बैठक में तय किया गया कि पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने के लिये गठित समिति की बैठक 15 दिन में आयोजित की जायेगी। इसके लिये वन विभाग, नगर निगम एवं अन्य विभाग के अधिकारियों को समय-सीमा में कार्ययोजना तैयार करने के दिशा-निर्देश दिए गए। आगामी बैठक में कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जायेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ग्वालियर के आसपास की पहाड़ियों को हरा-भरा करना बहुत ही महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान में सभी लोग मिलकर कार्य करेंगे तो सार्थक परिणाम सामने आयेंगे। पुलिस विभाग के माध्यम से भी सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगीं।
पूर्व प्रिंसिपल रजिस्ट्रार श्री गौरीशंकर दुबे ने कहा कि वन विभाग के माध्यम से पहाड़ियों को हरा-भरा करने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही जल संरक्षण की दृष्टि से भी पहाड़ियों पर ट्रेंच खुदवाने का कार्य किया जायेगा। चिन्हित पहाड़ियों पर बड़े पेड़ लगाए जायेंगे। इसके साथ ही औषधि प्लांट का भी प्रावधान किया जायेगा। वन विभाग के माध्यम से ग्वालियर शहर की चारों विधानसभा में स्थित पहाड़ियों को चिन्हित कर हरा-भरा और पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाने का कार्य किया जायेगा।
अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री विवेक खेडकर ने माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के आसपास की पहाड़ियों को पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाने का यह अभियान है। इसके साथ ही पहाड़ियों पर अतिक्रमण न हो और अवैध उत्खनन भी सख्ती से रोका जाए। इसके लिये सभी को मिलकर सार्थक प्रयास करना चाहिए।
नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने कहा कि नगर निगम के माध्यम से शहर भर में वृक्षारोपण का विशेष कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर के आसपास की चिन्हित पहाड़ियों को भी हरा-भरा करने का सार्थक प्रयास निगम के माध्यम से किया जायेगा। इस पुनीत अभियान में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी हो इसके लिये भी विशेष प्रयास किए जायेंगे।
बैठक में कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. शैलेन्द्र कुशवाह, शासकीय अधिवक्ता श्री रविन्द्र दीक्षित, डॉ श्री धर्मेन्द्र रिछारिया ने भी अपने-अपने विचार रखे और आवश्यक सुझाव दिए। बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि सभी विभागीय अधिकारी 15 दिवस में अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों की कार्ययोजना तैयार करें। आगामी बैठक में इस पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जायेंगे।
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