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भारत में गरीबी, भुखमरी, शिक्षा और हेल्थकेयर अभी भी बड़ी चुनौतियां

लोगों को लगता है कि सरकार गलत प्राथमिकताएं तय कर रही है। आइए तथ्यों के बारे में बात करते हैं। भूख और गरीबी की स्थिति ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2025: भारत 25.8 ("गंभीर" स्तर) के स्कोर के साथ (123 देशों में से) 102वें स्थान पर है। 2016 से इसमें सुधार हुआ है लेकिन अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। बच्चों में वेस्टिंग (18.7%) बहुत अधिक है। लाखों लोग अभी भी कुपोषित हैं, खासकर गरीब इलाकों में। लेकिन लंबे समय में गरीबी कम हुई है (पीएम गरीब कल्याण योजना, राशन आदि के माध्यम से)। सरकारी खर्च और मंदिर राम मंदिर: इसका निर्माण मुख्य रूप से सार्वजनिक दान (3000 करोड़ से अधिक) के माध्यम से किया गया था। सरकार ने सीधे बहुत कम (आधिकारिक रूप से 1 रुपये) दिया। ट्रस्ट ने सरकार को टैक्स भी दिया। सरकार प्रशाद योजना और पर्यटन, सड़क, होटल, सफाई आदि के माध्यम से कई तीर्थ स्थलों (मंदिरों) पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है। यह पर्यटन को बढ़ाने के लिए है, जिससे रोजगार पैदा होते हैं और आर्थिक विकास होता है। इसके लिए उधार भी लिया जा सकता है। लेकिन यह सही है कि कुछ राज्यों में, मंदिर जीर्णोद्धार पर खर्च किया जा रहा है, जबकि गरीबी कम करने वाले क्षेत्रों में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च स्वास्थ्य: केंद्रीय बजट 2025-26 लगभग 1 लाख करोड़ (11% वृद्धि) से अधिक है, लेकिन जीडीपी का केवल 1.9-2.1% है (लक्ष्य 2.5% था)। आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं चल रही हैं लेकिन कार्यान्वयन में कमियां हैं। शिक्षा: बजट बढ़ रहा है (1.28 लाख करोड़ तक), नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल और कॉलेज बनाए जा रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता और गरीब क्षेत्रों तक पहुंच अभी भी कम है। फैक्ट्स ये हैं: मंदिर बनाना एक कल्चरल/धार्मिक मुद्दा है और पैसा टूरिज्म से वापस आता है (कई तीर्थस्थल इकॉनमिक इंजन की तरह काम करते हैं)। लेकिन इसमें गरीबी, हेल्थ और एजुकेशन को इग्नोर नहीं किया जा सकता। इंडिया को टैक्स जमा करने, करप्शन कम करने और खर्च की क्वालिटी सुधारने की ज़रूरत है। सबसे बड़ी ज़रूरत: लोगों को वोट के ज़रिए प्रायोरिटी तय करनी चाहिए। उन स्कीम्स के लिए वोट करें जो गरीबों तक पहुँचें। सरकारें कोई भी हों, उन्हें डेटा और इम्प्लीमेंटेशन पर फोकस करना चाहिए। इंडिया डेवलप हो रहा है लेकिन यह डेवलपमेंट अभी सब तक नहीं पहुँचा है। अपना ख्याल रखें। 🍳*हरबंस सिंह, एडवाइजर* 🙏🏻 शहीद भगत सिंह एसोसिएशन पंजाब +91-8054400953,

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