श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ के सहयोगियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ के सहयोगियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में महंत उदयगिरी जी के सान्निध्य में आयोजित 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ के सफल एवं भव्य आयोजन के उपलक्ष्य में आज एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महायज्ञ को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी श्रद्धालुओं, भक्तों एवं सहयोगियों को मंदिर ट्रस्ट की ओर से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा लोगों में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर स्वामी रामशरणानंद जी ,पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ समाजसेवी अनुराग सूद, डॉ. हर्षविंदर पठानिया, प्रिंसिपल आरती सूद मेहता, एडवोकेट नवदीप सूद, विद्या मंदिर स्कूल के प्रिंसिपल शोभा रानी तथा समूह स्टाफ भी समारोह में मौजूद रहा। सभी अतिथियों ने मंच से अपने विचार साझा करते हुए धार्मिक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
महंत उदयगिरी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ का आयोजन समाज की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण के उद्देश्य से किया गया था, जिसमें सभी श्रद्धालुओं का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने का एक माध्यम भी है।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट की ओर से सभी सहयोगियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।
अंत में मंदिर ट्रस्ट ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जा सके।