पिछले 60 घंटे से आमरण अनशन पर बैठे महुआडांड़ लातेहार के 66 वर्षीय बलराम प्रसाद का कोई शुद्ध लेने वाला नहीं
रांची : राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की राजभवन के समक्ष पिछले 60 घंटे से आमरण अनशन पर बैठे महुआडांड़, लातेहार के 66 वर्षीय समाजसेवी बलराम प्रसाद की बिगड़ती स्थिति पर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा गहरी चिंता व्यक्त करता है।
बलराम प्रसाद ओबीसी समाज के वरिष्ठ सदस्य हैं जो भ्रष्टाचार, आदिवासी भूमि कब्जा और अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने महुआडांड़ के एसडीएम और सीओ पर 15 गंभीर आरोप लगाए हैं। हैरानी की बात है कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात करने तक नहीं पहुंचा।
उल्टा, उनके अनशन को ‘नाटक’ बताकर बदनाम करने की साजिश की जा रही है। बलराम प्रसाद ने खुद प्रशासन को खुली चुनौती दी है कि उनकी मेडिकल जांच कराई जाए। अगर उन्होंने पानी की एक बूंद भी पी हो तो कार्रवाई हो, वरना अफवाह फैलाने वालों पर मानहानि का केस होगा।
राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा की सरकार से 3 स्पष्ट मांगें हैं:-
1. तत्काल मेडिकल जांच : आज रात 10 बजे तक सिविल सर्जन की टीम भेजकर बलराम प्रसाद की जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए।
2. वार्ता शुरू हो: सरकार के वरीय अधिकारी तुरंत अनशन स्थल पर जाकर बलराम प्रसाद से बात करें। 66 साल के बुजुर्ग को यूं मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।
3. भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच :- एसडीएम विपिन कुमार दुबे और सीओ संतोष बैठा पर लगे सभी 15 आरोपों की उच्च स्तरीय जांच हो। जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को महुआडांड़ से हटाया जाए।
अगर आज रात तक बलराम प्रसाद की सुध नहीं ली गई और उनके साथ कोई अनहोनी हुई, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की होगी। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा कल से पूरे राज्य में आंदोलन शुरू करेगा। ओबीसी समाज अपने लोगों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं करेगा।