logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

कोटा विश्वविद्यालय में आवास फाउण्डेशन द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण।

कोटा। कोटा विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में स्थापित 160 KWP के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय के सम्पदा अधिकारी श्री संजीव कुमार दुबे के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना आवास फाउण्डेशन द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) योजना के तहत की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत द्वारा की गयी। कार्यक्रम में कोटा दक्षिण के माननीय विधायक श्रीमान् संदीप शर्मा मुख्य अतिथि रहे। आवास फाउण्डेशन के श्री सत्यजीत तिवारी (सी.एस.आर. हैड) एवं श्री भुवनेश गौड़ (स्टेट हैड) विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित रहे।

रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं फार्मेसी विभाग के समन्वयक प्रो. भवानी सिंह ने स्वागत-भाषण दिया। स्वागत उद्बोधन के बाद श्री सत्यजीत तिवारी ने आवास फाउण्डेशन के सामाजिक-दायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया कि आवास फाउण्डेशन द्वारा पर्यावरण, सौलर, महिला सशक्तिकरण एवं गरीबी उन्मूलन के अनेक कार्यक्रमों का सी.एस.आर. योजना के तहत् क्रियान्वयन किया जाता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संदीप शर्मा ने कुलगुरु महोदय के संयंत्र स्थापित करने के प्रयासों का हृदय से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कुलगुरु महोदय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने आवास फाउण्डेशन के पदाधिकारियों को इस कल्याणकारी कार्य हेतु धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अन्य स्त्रोतों के दोहन से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है परन्तु सौर ऊर्जा प्राकृतिक एवं जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाला ऊर्जा स्त्रोत है।

श्रीमान् कुलगुरु महोदय प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने आवास फाउण्डेशन को धन्यवाद ज्ञापित किया और बताया कि आवास फाउण्डेशन के सी.एस.आर. कोष के तहत् 160 KWP की क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होना विश्वविद्यालय के लिए हरित ऊर्जा सृजन के क्षेत्र में एक सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने आवास फाउण्डेशन द्वारा पूर्व में विश्वविद्यालय की छात्राओं हेतु हेलमेट वितरण कार्यक्रम को रेखांकित करते हुए फाउण्डेशन के पदाधिकारियों की सराहना की।

प्रो. सारस्वत जी ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कार्मिकों और विद्यार्थियों को यह सलाह दी कि आप जिस संस्था में कार्य करते हो अथवा शिक्षा ग्रहण करते हो उस संस्था के प्रति सदैव आत्मीय लगाव रखें। राष्ट्रीय सम्पति को अपनी सम्पति समझकर उसके संरक्षण व रख-रखाव का सुझाव दिया। उन्होंने भारत पेट्रोलियम लिमिटेड में सी.एस.आर. के अपने दायित्वों एवं राजस्थान के बूंदी व अजमेर जिले में एच.पी.सी.एल. के सी.एस.आर. कोष के तहत किए गए विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यो के उदाहरण श्रोताओं के समक्ष रखें।

कार्यक्रम में मंच-संचालन डॉ. नम्रता सेंगर ने किया एवं डॉ. अंकित शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालयय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

2
170 views

Comment