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72 लाख की कथित हेराफेरी का मामला होम लोन कंपनी के एमडी समेत 8 पर धोखाधड़ी का केस, पारिश्रमिक को ‘लोन’ दिखाने का आरोप

72 लाख की कथित हेराफेरी का मामला होम लोन कंपनी के एमडी समेत 8 पर धोखाधड़ी का केस, पारिश्रमिक को ‘लोन’ दिखाने का आरोप

जयपुर | शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र में एक होम लोन कंपनी से जुड़ा 72 लाख रुपए की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत कई निदेशकों और पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, शिकायत कंपनी के ही डायरेक्टर और शेयरहोल्डर बसंत कुमार गोयल ने दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि मेंटर होम लोन इंडिया लिमिटेड में उन्हें वर्ष 2018 की वार्षिक साधारण बैठक (AGM) में होल टाईम डॉयरेक्टर नियुक्त किया गया था। तय प्रस्ताव के अनुसार उन्हें हर वित्तीय वर्ष में कंपनी द्वारा वितरित कुल वित्तीय राशि का 0.25 प्रतिशत पारिश्रमिक दिया जाना था। परिवादी के अनुसार, 31 दिसंबर 2018 तक कंपनी ने करीब 288.45 करोड़ रुपए का वित्तीय वितरण किया, जिसके आधार पर उनका पारिश्रमिक करीब 72.12 लाख रुपए बनता था। आरोप है कि कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार गोयल ने बातचीत के बाद यह राशि दो किश्तों में देने का आश्वासन दिया। शिकायत में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में पहली किश्त के रूप में 36.06 लाख रुपए दिए गए, जिसमें से 8.83 लाख रुपए TDS काटकर 27.22 लाख रुपए भुगतान किया गया। इसके बाद 24 जून 2020 को दूसरी किश्त भी इसी तरह दी गई, लेकिन आरोप है कि कंपनी ने काटी गई TDS राशि संबंधित विभाग में जमा नहीं कराई। बसंत गोयल का आरोप है कि बाद में कंपनी के निदेशकों ने वर्ष 2020-21 की बैलेंस शीट में उनके पारिश्रमिक को लोन (ऋण) के रूप में दिखा दिया, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इतना ही नहीं, वर्ष 2025 में कंपनी की ओर से उन्हें कथित ऋण चुकाने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं, जबकि उन्होंने कोई ऋण लिया ही नहीं। साथ ही उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर क्रेडिट स्कोर खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में परिवादी ने मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार गोयल के अलावा निदेशक रामरतन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मोहन लाल भार्गव तथा अन्य पदाधिकारी सतीश गौतम, रोहित जैन, साहिल गोयल और अंकित अग्निहोत्री पर मिलीभगत कर दस्तावेजों में हेराफेरी और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार को सौंपी गई है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय मानवता अधिकार सामाजिक न्याय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह (अलवर) ने भी इस मामले में आवाज उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है

ब्रजेश पाठक
राजस्थान

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