रिंकू शर्मा के जबलपुर जाने के बाद हालात बदले, पीके कापसे ने संभाली जिम्मेदारी—ग्राउंड पर असर को लेकर चर्चा तेज
नर्मदापुरम में परिवहन व्यवस्था इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। हाल ही में हुए तबादले के बाद आरटीओ रिंकू शर्मा को जबलपुर भेजा गया है, वहीं उनकी जगह पीके कापसे ने दोबारा जिले की जिम्मेदारी संभाली है। लेकिन इस बदलाव के साथ ही सड़कों पर व्यवस्था को लेकर कई सवाल सामने आने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह महसूस किया जा रहा है कि पहले की तुलना में चेकिंग और निगरानी कम नजर आ रही है। शहर और आसपास के मार्गों पर भारी वाहनों, खासकर डंपरों की आवाजाही बढ़ने की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन आमजन के बीच यह चर्चा जरूर है कि नियंत्रण पहले जैसा सख्त नहीं रहा।
बस सेवाओं को लेकर भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं बताई जा रही। यात्रियों के बीच विवाद और अव्यवस्था की खबरें बीच-बीच में सामने आ रही हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पीके कापसे इससे पहले भी नर्मदापुरम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में उनसे अपेक्षा की जा रही है कि वे पुराने अनुभव के आधार पर व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाएंगे।
फिलहाल परिवहन विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से जमीनी स्तर पर चर्चाएं तेज हैं, वह संकेत देती हैं कि आने वाले दिनों में विभाग को सक्रियता बढ़ाने की जरूरत होगी।
दूरदर्शन की नजर में सवाल सीधा है
फिटनेस को लेकर कमर्शियल व्हीकल फिटनेस कराने के लिए नर्मदापुरम से भोपाल जाना पड़ेगा जिससे सीधा असर गाड़ी मालिकों को पड़ेगा क्या फिटनेस सेंटर नर्मदापरम नहीं हो सकता था इसको लेकर बड़ी तनातनी बा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं
*क्या यह केवल तबादले के बाद का अस्थायी असर है, या व्यवस्था में सुधार की जरूरत अब ज्यादा गंभीर हो चुकी है?*