विजय सिन्हा जी को देखकर सवर्णों को आँखें खोल लेनी चाहिए। क्या फायदा बचपन से एबीवीपी और संघ के कार्यालय में झाडू-पोछा मारते रहने का?
विजय सिन्हा जी को देखकर सवर्णों को आँखें खोल लेनी चाहिए। क्या फायदा बचपन से एबीवीपी और संघ के कार्यालय में झाडू-पोछा मारते रहने का?
क्या फायदा कट्टर हिंदू बनकर चौक-चौराहों पर नफरत फैलाने का? जब वक्त आया सीएम बनाने का, तो इन्हीं लोगों ने तुम्हारी जाति/वर्ग देखकर लात मार दी और तुम्हें ठुकरा राजद सहित लगभग सभी दलों का भ्रमण करते हुए आए नेता को गद्दी सौंप दी गई।
आपके सालों की निष्ठा, तपस्या और बलिदान का ये इनाम? ये है तुम्हारी "हिंदुत्व" वाली राजनीति की असली सच्चाई। भूमिहार ब्राह्मण/सवर्ण भाइयों, अब आँखें खोलो। झूठे नारों और दिखावे के चक्कर में अपनी इज्जत और हक़ दोनों गंवा रहे हो