कांग्रेस ने 33%आरक्षण पहले ही कर दिया था मगर NDA सरकार ने विरोध किया
अगर आजादी के 79 वर्षों बाद भी आरक्षण की राह चुनकर देश में भेदभाव खत्म करके समानता लाना है, तो इसे आधा-अधूरा क्यों रखा जाए? मात्र जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच,वार्ड पंच,शहरी निकायों तक सिमीत न रखकर देश के प्रधानमंत्री, लोकसभा के स्पीकर और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों पर भी आरक्षण लागू होना चाहिए।
इसके अलावा केंद्र और राज्य के मंत्रिमंडल में भी आरक्षण लागू किया जाए। साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए।
जब नीति बनानी है, तो उसे हर स्तर पर समान रूप से लागू करना चाहिए, न कि सिर्फ आम जनता तक सीमित रखना चाहिए।
जब राजनीति के क्षेत्र में भी 50% आरक्षण लागू होगा, तभी यह व्यवस्था वास्तव में संतुलित और न्यायसंगत कहलाएगी।
सत्येंद्र व्यास प्रदेश महासचिव नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी राजस्थान