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लोकसभा में अटका 131वां संविधान संशोधन विधेयक: महिला आरक्षण और सीट बढ़ाने की योजना पर लगा ब्रेक

लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की योजना को शुरुआत में ही झटका लग गया है। संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका, जिससे महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान भी फिलहाल अटक गए हैं।

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “आज लोकसभा में एक बेहद अजीब दृश्य देखने को मिला। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए जरूरी संविधान संशोधन विधेयक को कांग्रेस, तृणमूल, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले इस विधेयक को रोकना और उस पर जश्न मनाना निंदनीय है।”

शाह ने आगे कहा कि इस कदम के कारण अब महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में मिलने वाला 33% आरक्षण फिलहाल संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने इसे विपक्ष की “लगातार चल रही मानसिकता” का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह न तो महिलाओं के हित में है और न ही देश के व्यापक विकास के लिए सही है।

वहीं, विपक्ष ने सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को लोकसभा सीटों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। इसी मुद्दे को लेकर संसद में पूरे दिन हंगामा देखने को मिला।

गौरतलब है कि इस विधेयक पर दो दिन की लंबी बहस के बाद शुक्रवार को मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है, जो सरकार हासिल नहीं कर पाई।

इस घटनाक्रम ने न केवल महिला आरक्षण के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि लोकसभा सीटों के विस्तार की योजना को भी अनिश्चितता में डाल दिया है।

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