"16 साल के इंतजार के बाद — भारत की पहली डिजिटल जनगणना का बिहार में आगाज़"
— अब घर बैठे दर्ज करें अपनी पहचान, 17 अप्रैल से शुरू हुई Self Enumeration
"विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार
1931 के बाद पहली बार जाति गणना, 2011 के बाद पहली बार जनगणना — और इस बार कोई कागज़-पेन नहीं, कोई दरवाज़े पर दस्तक नहीं।
भारत की 16वीं जनगणना — Census 2027 — इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल है।
और , 17 अप्रैल 2026 से बिहार में इसका पहला कदम उठ चुका है — Self Enumeration (स्व-गणना)।
गया जिले के नागरिकों के लिए यह अवसर है कि वे इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनें — प्रगणक के इंतजार में बैठने की जगह, खुद अपने हाथों से अपने परिवार और मकान की जानकारी दर्ज करें।
क्या है Self Enumeration और इसकी प्रक्रिया?
Self Enumeration एक सुरक्षित, वेब-आधारित सुविधा है जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसके माध्यम से नागरिक प्रगणक के घर आने से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
पोर्टल पर जाएँ (se.census.gov.in) → मोबाइल नंबर से लॉगिन करें → नक्शे पर अपना स्थान चिह्नित करें → परिवार का विवरण भरें → जमा करें → SE ID प्राप्त करें → प्रगणक को SE ID दें → डेटा सत्यापित होकर जनगणना में शामिल।
यह ID ही आपकी भागीदारी का प्रमाण है — इसे सुरक्षित रखें।
बिहार के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
चरण
तिथि
Self Enumeration (स्व-गणना)
17 अप्रैल – 1 मई 2026,
मकान सूचीकरण एवं गणना
2 मई – 31 मई 2026,
जनसंख्या गणना (Phase II)
फरवरी 2027,
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 17 अप्रैल को स्वयं Self Enumeration लॉन्च करते हुए नागरिकों से "सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी" की अपील की।
Census 2027 क्यों है ऐतिहासिक?
2027 की जनगणना 1931 के बाद पहली बार जाति गणना को शामिल कर रही है —
यह इसे स्वतंत्र भारत की सबसे महत्वपूर्ण जनगणनाओं में से एक बनाता है।
यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है — प्रगणक कागज़ी फॉर्म नहीं, स्मार्टफोन ऐप का उपयोग करेंगे।
ऐप ऑफलाइन भी काम करेगा और इंटरनेट उपलब्ध होने पर डेटा क्लाउड पर अपलोड होगा।
Census 2027 के लिए सरकार ने 11,718.24 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
यह जनगणना अगले एक दशक की विकास योजनाओं की नींव रखेगी।
गया जिला प्रशासन की अपील:
जिलाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर (IAS) ने गया जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच se.census.gov.in पर जाकर Self Enumeration अवश्य करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दें।
जनगणना केवल आँकड़े नहीं है — यह हर नागरिक की राष्ट्रीय पहचान का दस्तावेज़ है।
2021 की जनगणना कोविड के कारण टल गई, और 16 वर्षों का यह अंतराल हमारी नीति-निर्माण प्रक्रिया को अधूरा बनाता रहा।
अब जब Self Enumeration का विकल्प आपके हाथ में है — तो यह सिर्फ सुविधा नहीं, जिम्मेदारी भी है।
जो नागरिक आज अपना डेटा सही तरीके से दर्ज करेंगे, उनके जिले को सही योजनाएँ, सही बजट और सही प्रतिनिधित्व मिलेगा।
Gaya के हर घर से एक क्लिक — राष्ट्र निर्माण में एक कदम।
त्वरित जानकारी :
पोर्टल: se.census.gov.in
भाषाएँ: हिंदी सहित 16 भाषाएँ
समयसीमा: 17 अप्रैल – 1 मई 2026
हेल्पलाइन: Census 2027 पोर्टल पर उपलब्ध